सपा ने आजमगढ़ को बनाया आतंकवादियों का गढ़: अनुराग ठाकुर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

लखनऊ। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद को लेकर भाजपा का रुख शुरु से जीरो टॉलरेंस का रहा है जबकि समाजवादी पार्टी का रुख आतंकियों को संरक्षण देने का। 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट पर गुजरात कोर्ट का जो निर्णय आया, भाजपा उसका स्वागत करती है। केंद्रीय मंत्री ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट …

लखनऊ। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि आतंकवाद को लेकर भाजपा का रुख शुरु से जीरो टॉलरेंस का रहा है जबकि समाजवादी पार्टी का रुख आतंकियों को संरक्षण देने का। 2008 के अहमदाबाद सीरियल बम ब्लास्ट पर गुजरात कोर्ट का जो निर्णय आया, भाजपा उसका स्वागत करती है।

केंद्रीय मंत्री ने अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट के तार समाजवादी पार्टी से कैसे जुड़े थे, इसका खुलासा करते हुए कहा कि जिन लोगों को कोर्ट द्वारा इस मामले में दोषी करार दिया गया है, उनमें से एक मोहम्मद सैफ सपा नेता शहबाद अहमद के पुत्र हैं। ये सपा नेता कौन हैं? इस पर अखिलेश यादव की चुप्पी क्यों है? अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे उस वक्त की तस्वीर में अखिलेश यादव और शाहबाज अहमद एक साथ हैं।

क्या उस समय के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उनको बिरयानी खिलाने के लिए बुलाया था, जिनका बेटा अहमदाबाद बम ब्लास्ट में मास्टर मांइड था । क्या इस पर अखिलेश यादव चुप्पी तोड़ेंगे? आजमगढ़ को आतंकवादियों का गढ़ बनाने का काम समाजवादी पार्टियों ने किया है, क्या उस पर अखिलेश जी चुप्पी तोड़ेंगे ?

‘kनिवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि 2008 के अहमदाबाद बम ब्लास्ट मामले में गुजरात कोर्ट के फैसले आने के बाद से समाजवादी पार्टी के नेताओं की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी यह चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने अहमदाबाद बम ब्लास्ट से समाजवादी पार्टी के लिंक का खुलासा करते हुए दोषी करार आतंकी मोहम्मद सैफ के सपा नेता पिता शहबाद अहमद की तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तस्वीर दिखाई।

केंद्रीय मंत्री ने केंद्रीय मंत्री ने सपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इनको पुलिस और एटीएस पर भरोसा नहीं है, किन्तु आतंकियों को संरक्षण देने में पूरा जोर लगा देते हैं। अखिलेश सरकार में जिन आतंकियों पर से टेरर चार्जेज हटाये गए थे, वे कौन लोग हैं, जिन्होंने अयोध्या, लखनउ, वाराणसी में बम ब्लास्ट किया था?

बाटला हाउस मुठभेड़ का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा जी की शहादत पर कांग्रेस और सपा के बडे़ नेताओं ने प्रश्न चिन्ह खड़े किये थे। कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि सोनिया गांधी उन गुनाहगारों के घरों पर जाकर फूट फूट कर रोयी थीं, लेकिन सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास शहीद मोहन चंद्र शर्मा के घर जाने का समय नहीं था।

न अखिलेश जी के पास समय था और ना ही बाकी नेताओं के पास। इसी प्रकार, रामपुर के सीआरपीएफ कैम्प पर आतंकी हमले में सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे। इस मामले में भी तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस हमले में शामिल आतंकियों पर से केस वापस लेने की कोशिश की थी। अल कायदा के आपरेटीव लखनउ में पकड़े गए थे, लेकिन समाजवादी पार्टी ने पुलिस की जांच और एटीस पर सवाल खडे़ किए थे। यह इनका आतंकी प्रेम दिखाता है।

यह भी पढ़ें: लखनऊ: एलडीए कर्मचारियों की मदद से फर्जी दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले पांच आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा

संबंधित समाचार