अयोध्या: कमिश्नर के दिये टास्क में बुरे फंसे शिक्षक, समझ नहीं आ रहा कहां तलाशें वोट न देने वाले, छूटे पसीने
अयोध्या। मतदाता जागरूकता अभियान के तहत मंडलायुक्त की ओर से दी गई एक टास्क में शिक्षक बुरे फंस गए हैं। कमिश्नर की ओर से शिक्षकों को लक्ष्य दिया गया है कि विगत कई चुनाव में वोट न देने वालों को तलाश करें और इस बार उनसे मतदान कराएं। अब इसे लेकर बेसिक और माध्यमिक दोनों …
अयोध्या। मतदाता जागरूकता अभियान के तहत मंडलायुक्त की ओर से दी गई एक टास्क में शिक्षक बुरे फंस गए हैं। कमिश्नर की ओर से शिक्षकों को लक्ष्य दिया गया है कि विगत कई चुनाव में वोट न देने वालों को तलाश करें और इस बार उनसे मतदान कराएं। अब इसे लेकर बेसिक और माध्यमिक दोनों विभागों के शिक्षक परेशान हैं कि इस आदेश को अमलीजामा कैसे पहनाएं। कमिश्नर ने यह आदेश जीआईसी मैदान में आयोजित जागरूकता अभियान में दिया था। इस कार्यक्रम में मानव श्रंखला बनाई गई थी जिसमें शिक्षक भी शामिल हुए थे।
मण्डलायुक्त नवदीप रिणवा ने कहा था प्रतिभागी अपने घर, आसपास के क्षेत्रों के लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करें और ऐसे 10-10 मतदाता जिन्होंने विगत चुनाव में मतदान न किया हो को अनिवार्य रूप से मतदान करने के लिए प्रेरित करें। अब इसी आदेश को लेकर शिक्षकों के पसीने छूट रहे हैं। कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मतदान के लिए लोगों को जागरूक और प्रेरित तो किया जा सकता है लेकिन ऐसे व्यक्ति कहां चिन्हित करें जिन्होंने विगत चुनावों में मतदान न किया हो।
शिक्षकों का कहना है कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर पाना बेहद मुश्किल है। उनका कहना है कि पहले से ही चुनाव ड्यूटी में जुटे हैं ऊपर से दस दस व्यक्ति की खोज दुरूह है। कुछ शिक्षकों का कहना है कि सारे काम शिक्षक से ही लिए जाते हैं और ऊपर से कार्रवाई भी झेलनी पड़ती है। हालांकि कमिश्नर के इस आदेश को लेकर यहां खलबली मची हुई है। यहां 27 फरवरी को मतदान होना है, समय कम है ऐसे में शिक्षकों की जान सांसत में फंसी हुई है। बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष देव पांडेय का कहना है कि मंडलायुक्त की ओर से आह्वान किया गया है कोई अनिवार्य आदेश नहीं है फिर भी शिक्षकों को संबधित निर्देश का पालन करना चाहिए। यह मतदान प्रतिशत बढ़ाने में सहायक होगा।
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