पीलीभीत: प्रचार समाप्ति के बाद छिड़ी रही सोशल मीडिया वार

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पीलीभीत,अमृत विचार। विधानसभा चुनाव में चौथे चरण के मतदान के लिए प्रचार का समय समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों के बीच सोशल मीडिया पर वार छिड़ी दिखी। उनके नाम से बनाए गए सोशल मीडिया एकाउंट से एक के बाद एक पोस्ट की जाती रही। चुनाव को जाति और धर्म से जोड़ने से भी पीछे नहीं …

पीलीभीत,अमृत विचार। विधानसभा चुनाव में चौथे चरण के मतदान के लिए प्रचार का समय समाप्त होने के बाद प्रत्याशियों के बीच सोशल मीडिया पर वार छिड़ी दिखी। उनके नाम से बनाए गए सोशल मीडिया एकाउंट से एक के बाद एक पोस्ट की जाती रही। चुनाव को जाति और धर्म से जोड़ने से भी पीछे नहीं हटे और कई विवादित पोस्ट भी कर गए। जिसे लेकर राजनीति गरमाई रही।

मगर, पुलिस-प्रशासन की ओर से निगरानी के नाम पर औपचारिकता निभाई जाती रही। प्रत्याशी खुद के लिए माहौल बनाने में जुटे रहे।
इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से चुनाव प्रचार पर शुरुआत से ही निर्वाचन आयोग ने तमाम बंदिशें लगा दी थी। इसकी वजह से प्रत्याशियों के सामने वर्चुअल प्रचार का रास्ता बचा था। जिसके चलते सोशल मीडिया ही प्रत्याशियों का जनता से संपर्क का माध्यम बना।

सभी राजनीतिक दल अपने आईटी सेल को सक्रिय कर चुनाव प्रचार में लग गए थे। संक्रमण की रफ्तार थमने के बाद बंदिशें कम हुईं तो जनसभाएं भी हुईं। दो दिन पहले चुनाव प्रचार का समय समाप्त हो गया। जिसके बाद प्रत्याशियों ने एक बार फिर मतदान से पूर्व अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए।

इसका असर सोमवार रात से ही दिखाई देने लगा। प्रत्याशियों की ओर से फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर आदि एकाउंट से पोस्ट कर अपील की जाने लगी। सदर सीट के एक प्रत्याशी की ओर से वीडियो अपलोड की गई। जिसमें दो अन्य राजनीति दलों से मैदान में उतरे प्रत्याशियों को रिश्तेदार बताया।

जाति और धार्मिक रूप देने की भी कोशिश कर दी गई। इसके अलावा पूरनपुर की एक महिला प्रत्याशी ने अपने पक्ष में मतदान करने की अपील करते हुए एक वीडियो अपलोड किया। जिसमें अपने परिवार के ही एक वरिष्ठ नेता के नाम पर वोट मांगा। वहीं, सदर सीट के एक अन्य प्रत्याशी ने संगठन के वरिष्ठ नेताओं की ओर से खुद की सराहना करने से जुड़े पेास्ट किए। इसी तरह से अन्य प्रत्याशी भी माहौल बनाते रहे। खास बात रही कि एक दिन पहले भी जनपद के मुद्दों पर किसी ने आखिरी दिन भी बात नहीं की।

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