संकट की ओर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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रूस और यूक्रेन में चल रहे विवाद के बीच भारत ने कहा रूसी संघ के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने इस मसले पर सभी पक्षों से शांति की अपील की है। भारत के दोनों ही देशों से गहरे संबंध है। रूस भारत का अहम रक्षा साझीदार …

रूस और यूक्रेन में चल रहे विवाद के बीच भारत ने कहा रूसी संघ के साथ यूक्रेन की सीमा पर बढ़ता तनाव गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने इस मसले पर सभी पक्षों से शांति की अपील की है। भारत के दोनों ही देशों से गहरे संबंध है। रूस भारत का अहम रक्षा साझीदार है और 20 हजार से अधिक भारतीय नागरिक और छात्र यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहते हैं और अध्ययन करते हैं।

इस बीच रूस ने विद्रोहियों के कब्जे वाले यूक्रेन के दो प्रांतों डोनेट्स्क और लुहान्स्क को स्वतंत्र देश के तौर पर मान्यता प्रदान कर दी है। इस मामले में अमेरिका ने कहा कि यह यूक्रेन की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता पर स्पष्ट रूप से हमला है। फैसला मिंस्क समझौतों के तहत रूस की प्रतिबद्धता का पूर्ण रूप से उल्लंघन है और सीधे तौर पर कूटनीति के रास्ते पर चलने के रूस के दावे का खंडन करता है।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया को दोफाड़ कर दिया है। एक तरफ अमेरिका समेत तमाम नाटो देशों ने रूस की आक्रामक कार्रवाई की निंदा की है तो वहीं भारत और चीन ने इस पूरे विवाद पर तटस्थता बरती है। जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने भी रूस की निंदा की।

यूरोपीय संघ ने भी कहा है कि वह यूक्रेन के अलगाववादी क्षेत्रों को मान्यता देने के लिए रूस पर प्रतिबंध लगाएगा। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव ने कहा कि मॉस्को का फैसला यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता एवं संप्रभुत्ता का उल्लंघन है तथा संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के सिद्धांतों के विरुद्ध है। मौजूदा वक्त में रूस के पश्चिमी देशों के साथ विवाद पर भारत की चिंता ये है कि इससे रूस चीन के करीब हो सकता है जिससे भारत की परेशानियां बढ़ सकती हैं।

यूक्रेन पर बुलाई गई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में भारत ने कहा कि हम सभी पक्षों से संयम का आह्वान करते हैं। सभी देशों के वैध सुरक्षा हितों तथा दीर्घकालिक शांति और स्थिरता के मद्देनजर तनाव को कम करना तात्कालिक प्राथिमकता है। क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और मॉस्को के यूक्रेन पर आक्रमण करने की आशंका बढ़ गई है।

तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए रचनात्मक कूटनीति अपेक्षित है। तेजी से गहराते वैश्विक संकट के बीच भारत के लिए यूक्रेन में फंसे अपने नागरिकों की स्वदेश वापसी प्राथमिकता में है। यूक्रेन में भारतीय दूतावास के अधिकारियों के परिवारों को भारत वापस जाने के लिए कहा गया है। सरकार ने अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वहां फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए तीन फ्लाइट की व्यवस्था की गई है। यह संख्या काफी कम है, इसके लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित की जानी चाहिए।