बरेली: वरिष्ठ लिपिक से छिनेगा एनएचएम का चार्ज

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली,अमृत विचार। सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजीव कमल पर शासन स्तर से कार्रवाई हो सकती है। लिपिक ने करीब एक माह तक अपने नियुक्ति और प्रोन्नति संबंधी दस्तावेज उच्चाधिकारियों को मुहैया नहीं कराए जिससे विभागीय जांच में देरी हो रही है। वहीं लिपिक की भर्ती से लेकर प्रोन्नति तक सभी प्रकार के आरोप …

बरेली,अमृत विचार। सीएमओ कार्यालय में तैनात वरिष्ठ लिपिक राजीव कमल पर शासन स्तर से कार्रवाई हो सकती है। लिपिक ने करीब एक माह तक अपने नियुक्ति और प्रोन्नति संबंधी दस्तावेज उच्चाधिकारियों को मुहैया नहीं कराए जिससे विभागीय जांच में देरी हो रही है। वहीं लिपिक की भर्ती से लेकर प्रोन्नति तक सभी प्रकार के आरोप जांच में पुष्ट पाए जा रहे हैं।

वहीं अन्य प्रकार के खेल भी लिपिक ने न किए हों इसके लिए बुधवार को अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण डा. दीपक ओहरी 300 बेड कोविड अस्पताल पहुंच गए उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारी के साथ ही अन्य कर्मचारियों से वर्ष 2021 के दस्तावतेज मुहैया कराने को कहा।

यह दस्तावेज उस वक्त के हैं जब नेशनल हेल्थ मिशन का पटल राजीव कमल के पास था और इस दौरान जैम पोर्टल व अन्य माध्यमों से क्या-क्या उपकरण और सामान की खरीद हुई थी। इसके दस्तावेज मुहैया कराने को कहा जिस पर कोई भी दस्तावेज नहीं मिल सके। सूत्रों की माने तो राजीव कमल से नेशनल हेल्थ मिशन का पटल का प्रभार भी जल्द हटाने के संकेत मिल रहे हैं।

सबके खिलाफ होगी कार्रवाई
जब एडी हेल्थ ने राजीव कमल के आदेश पर कोविड काल में की गई खरीद के दस्तावेज मांगे तो अधिकारी-कर्मचारी कोने झांकते नजर आए। इस पर एडी हेल्थ ने कड़ाई से चेतावनी जारी की और भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता उजागर होने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी जारी की है।

2017 से हैं तैनात
कलेक्ट्रेट स्थित एफएसडीए विभाग में 2012 में राजीव कमल को बदायूं से स्थानांतरित किया गया था, यहां 2017 तक तैनाती रही। उन पर वित्तीय अनियमितताएं करने के कई आरोप लगे थे। जांच होने के चलते उन्हें वर्ष 2017 के अंत में यहां से सीएमओ कार्यालय भेजा गया, तब से राजीव कमल यहां तैनात हैं।

कई उपकरण गायब होने की मिली थी शिकायत
अधिकारियों के अनुसार करीब ढाई साल से कोविड के संकट से हर वर्ग जूझ रहा है। मरीजों का कोरोना से बचाव हो सके इसके लिए कोविड काल में तमाम प्रकार के उपकरण और संसाधन शासन की ओर से विभाग को मुहैया कराए गए हैं लेकिन इस आड़ में खेल भी खूब हुए। बीते कई सालों से 300 बेड कोविड अस्पताल में कूड़ादान, ऑक्सीजन सिलिंडर और ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर समेत अन्य उपकरण गायब हो गए हैं। जिससे विभागीय अधिकारियों में खलबली मची हुई है।

ये भी पढ़ें-

बरेली: प्रेम-विवाह के बाद प्रेमिका के परिजनों ने दी हत्या की धमकी

संबंधित समाचार