शाहजहांपुर: यूक्रेन में फंसे सकलैन जिया, सकुशल वापसी की घर वाले मांग रहे दुआ

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 शाहजहांपुर,अमृत विचार। यूक्रेन पर हमला भले ही रूस ने किया हो, लेकिन हिंदुस्तान में भी धमाकों की गूंज से लोग स्तब्ध हैं और अपनों की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं। शाहजहांपुर के भी कई लोग यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं। एक युवा की सकुशल वापसी हो चुकी है, जबकि बाकी का …

 शाहजहांपुर,अमृत विचार। यूक्रेन पर हमला भले ही रूस ने किया हो, लेकिन हिंदुस्तान में भी धमाकों की गूंज से लोग स्तब्ध हैं और अपनों की सलामती की दुआएं मांग रहे हैं। शाहजहांपुर के भी कई लोग यूक्रेन के अलग-अलग शहरों में फंसे हुए हैं। एक युवा की सकुशल वापसी हो चुकी है, जबकि बाकी का उनके परिवार सलामती की दुआ कर रहे और वतन वापसी की राह देख रहे हैं।

बतादें कि अन्य देशों की तरह यूक्रेन के शहरों में यहां के लोग फंसे हुए हैं, इनमें कुछ रोजगार से जुड़े हैं, वहीं कुछ पढ़ाई भी कर रहे हैं। शहर के मोहल्ला सरायंकाइयां निवारी गुंजन गुप्ता के बेटे उत्कर्ष गुप्ता फिलहाल घर वापसी करने में सफल हो चुके हैं और उनके घर वाले चैन की सांस ले रहे हैं। उत्कर्ष ने बताया कि वह यूक्रेन के शहर खारकीन में पिछले एक साल से एमबीए की पढ़ाई कर रहे हैं।

वह अप्रैल 2021 में यूक्रेन गए थे। रूस से हमला होने की जानकारी मिलते ही वह समय रहते फ्लाइट से अपने देश लौट आए और अब वह घर पर हैं। उत्कर्ष की घर वापसी से परिवार के लोग ईश्वर का धन्यवाद कर रहे हैं। उत्कर्ष बताते हैं कि यूक्रेन में सरकार ने नागरिकों को सुरक्षित रखने के लिए बंकर बना रखे हैं, जिनमें लोगों को रखा जा रहा है।

उसके कई अन्य दोस्त अभी वहां फंसे हुए हैं, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। फिलहाल वहां के हालात अच्छे नहीं हैं।
इधर, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. जियाउद्दीन अंसारी और उनका परिवार रात-दिन अपने बेटे की सलामती की दुआ मांग रहा है।

इसका कारण यह है कि उनका बेटा सकलैन जिया अंसाारी यूक्रेन की राजधानी कीव में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है और उसका चौथा वर्ष है। डॉ. अंसारी बताते हैं कि उनके बेटे को 28 फरवरी की फ्लाइट से हिंदुस्तान लौटना था, लेकिन रूस के यूक्रेन पर हमला बोल देने से फ्लाइट रद्द कर दी गई है। फिलहाल वह सुरक्षित है और दिन में कई बार उससे बात भी हो रही है।

बेटे से संपर्क रहने के कारण कुछ हद तक परिवार के लोग राहत महसूस कर रहे हैं, लेकिन बेटे की सकुशल वापसी के लिए रात-दिन दुआएं मांग रहे हैं।
डॉ. अंसारी ने बताया कि बेटे सकलैन जिया से एंबैसी और परिवार के सदस्यों से बराबर संपर्क बना हुआ है। सकलैन जिया की मां परिषदीय कंपोजिट विद्यालय महमंद जंगला में प्रधान अध्यापिका हैं। एंबैसी ने उनके बेटे को हिंदुस्तान जाने के लिए अलर्ट रहने को कह दिया है, एंबैसी का कहना है कि वहां फंसे लोगों को सड़क मार्ग से उनके देश भेजने की व्यवस्था की गई है।

सभी लोगों को पोलैंड सरहद पर पहुंचाने का काम किया जा रहा है, जहां से सभी सुरक्षित उनके देश भेजा जाएगा। वहीं शहर के मोहल्ला खलीलगर्वी निवासी एक छात्रा के भी यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिली है। छात्रा बिनितसिया शहर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। उसके घर वाले चिंतित है।

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