यूक्रेन में उन्नाव के छात्र-छात्रा वतन वापसी का कर रहे इंतजार, परिजनों ने सरकार से मांगी मदद
उन्नाव। जनपद के अलग अलग क्षेत्रों से यूक्रेन शिक्षा ग्रहण करने गये छात्रा समेत दो के वहां पर फंसे होने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मचा है। नवाबगंज के कुईथर गांव निवासी एक एमबीबीएस का छात्र युद्ध विभीषिका में फंस गया है। वहीं पुरवा कस्बे के मोहल्ला पश्चिम टोला की 18 वर्षीय छात्रा यूक्रेन …
उन्नाव। जनपद के अलग अलग क्षेत्रों से यूक्रेन शिक्षा ग्रहण करने गये छात्रा समेत दो के वहां पर फंसे होने की सूचना से परिजनों में हड़कंप मचा है। नवाबगंज के कुईथर गांव निवासी एक एमबीबीएस का छात्र युद्ध विभीषिका में फंस गया है। वहीं पुरवा कस्बे के मोहल्ला पश्चिम टोला की 18 वर्षीय छात्रा यूक्रेन में फंसी हुई है। युवती यूक्रेन में इंटेलिजेंट रोबोट कमांडो की पढ़ाई करने गई थी। परिजनों ने भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और पीएमओ से भी मदद की गुहार लगाई है।
नवाबगंज क्षेत्र के गांव कुईथर निवासी डा. जगन्नाथ वर्मा ने बताया कि छोटे बेटे कुलदीप को एमबीबीएस करने के लिए यूक्रेन भेजा था। वह यूक्रेन के उड़ेसा शहर में स्थित उड़ेसा नेशनल यूनिवर्सिटी में चार वर्ष से मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है। पिता ने बताया कि कोरोना काल में वह वापस आया था और 28 सितंबर 2021 को पुनः यूक्रेन चला गया था। परिजनों से फोन पर बात करने के दौरान कुलदीप ने बताया कि वहां पर उसके साथ 13 और छात्र है जो लखनऊ और वाराणसी आदि शहरों के रहने वाले हैं वह भी फंसे हैं।
वे सभी लोग एक जगह पर हैं। वहां पर रेड एलर्ट कर दिया गया है, कर्फ्यू लगा हुआ है। लगातार धमाकों की आवाज भी सुनाई दे रही है। पिता जगन्नाथ का कहना है कि बेटा बहुत डरा सहमा लग रहा था। बेटे के फंसे होने से मां धन्नों रो-रोकर बेहाल हैं। आनलाइन पत्र भेजकर भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय और पीएमओ से भी मदद की गुहार लगाई है।
वहीं पुरवा कस्बे के मोहल्ला पश्चिम टोला निवासी अरुण गुप्ता पुत्र अशोक गुप्ता के दो पुत्रियां हैं बडी पुत्री श्रुति उम्र 19 वर्ष छोटी पुत्री पूजा उम्र 10 वर्ष है तथा बडी पुत्री श्रुति पिछले 1 साल से यूक्रेन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रोबोट कमांडो की पढाई करने यूक्रेन के कारशीव शहर गई थी तथा वहीं रहकर वह इंजीनियरिंग कर रही है। छात्रा के पिता ने बताया सुबह उसकी पुत्री से बात हुई थी पुत्री ने बताया कि वह अपने अन्य छात्र और छात्राओं के साथ बनकर में सुरक्षित है और बहुत घबराई हुई है।
युवती के पिता कुवैत में प्राइवेट नौकरी करते हैं तथा युवती की मां बिंदु और छोटी बहन पूजा केरल में अपने पैतृक आवास में रहती है तथा दादा अशोक गुप्ता खेती-बाडी का काम करते हैं। केरल की रहने वाली दादी कुट्टी सीएचसी में नर्स के पद कार्यरत थी जो वर्तमान समय में पुरवा कस्बे में रहकर क्लीनिक चला रहीं है। पोती के फंसे होने से दादा-दादी बेहाल है। उन्होंने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई है।
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