बरेली: स्ट्रॉबेरी की खेती के प्रति किसानों का बढ़ा रूझान
बरेली,अमृत विचार। जिले में अब किसान परंपरागत खेती से हटकर ज्यादा मुनाफा वाले खेती पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। रबी, खरीफ व जायद की फसलों के इतर उन फसलों की ओर रुख केंद्रित कर रहे हैं जो अभी तक जनपद में कोई किसान नहीं कर पा रहा है। किसानों की इस जरूरत को …
बरेली,अमृत विचार। जिले में अब किसान परंपरागत खेती से हटकर ज्यादा मुनाफा वाले खेती पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। रबी, खरीफ व जायद की फसलों के इतर उन फसलों की ओर रुख केंद्रित कर रहे हैं जो अभी तक जनपद में कोई किसान नहीं कर पा रहा है। किसानों की इस जरूरत को देख कृषि विज्ञान केंद्र उनको सही रास्ता बता रहा है।
जिससे उन फसलों के गुण सीख कर किसान जनपद में उसका अभिनव प्रयोग कर रहे हैं। कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डा. रंजीत सिंह ने बताया कि बरेली में भी किसान स्ट्रॉबेरी की खेती करते हैं। बलुई-दोमट मिट्टी स्ट्रॉबेरी खेती के लिए उपयुक्त है। कम लागत व कम क्षेत्र में भी इसे लगाकर किसान अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं।
बताया कि स्ट्रॉबेरी का औषधीय पौधे के साथ-साथ सब्जी, आचार कई कामों में इसका उपयोग किया जाता है। जिसके कारण इसे बाजार भी आसानी से उपलब्ध हो जाता है। स्ट्रॉबेरी की पत्ती आयरन युक्त रहने के कारण इसका औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। कृषि विज्ञान केंद्र के सुझाव पर जिले के करीब 10-12 किसानों ने स्ट्रोबेरी की खेती शुरु कर दी है।
केंद्र प्रभारी डा. बीपी सिंह ने बताया कि स्ट्राबेरी की खेती को लेकर कृषकों में जागरुकता बढ़ती है। निश्चित रूप से स्ट्रोबेरी की खेती कम लागत में अधिक मुनाफे को बढ़ावा देती है।
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