बरेली: तीन माह पूर्व हुई लूट की पुलिस ने नहीं लिखी रिपोर्ट
बहेड़ी,अमृत विचार। गांव मुड़िया नबीवकश में तीन महीने पहले हुई दिनदहाड़े लूट की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो शायद मोहल्ला रामलीला निवासी विनय महाजन उर्फ राजू के घर न तो लूटपाट हुईं होती और शायद न ही उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ता। बताया जाता है कि उस लूट का …
बहेड़ी,अमृत विचार। गांव मुड़िया नबीवकश में तीन महीने पहले हुई दिनदहाड़े लूट की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो शायद मोहल्ला रामलीला निवासी विनय महाजन उर्फ राजू के घर न तो लूटपाट हुईं होती और शायद न ही उसे अपनी जान से हाथ धोना पड़ता।
बताया जाता है कि उस लूट का मास्टरमाइंड मुंडिया नबी बक्श गांव का वही शिवम रस्तोगी था, जो बीते दिनों सर्राफ विनय महाजन हत्याकांड में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा है। गांव मुंडिया नबी बक्श निवासी भुक्तभोगी राकेश रस्तोगी पुत्र राम मूर्ति के अनुसार,गुजरे साल 22 नवंबर को दिन में करीब 11 बजे उसके घर की कालवेल बजाईं गई तो अंदर से उसकी पत्नी के पूछने पर बताया कि वे पाज़ेब खरीदने आए हैं।
पत्नी ने जैसे ही गेट खोला तो दो बदमाशों ने उसे दबोच कर टेप से मुंह बन्द कर दिया और तमंचा दिखाकर अलमारी की चाबी लेकर लाकर में रखी 45 हजार की नकदी, 22तोला सोना तथा 600 ग्राम चांदी लूटकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज को देखकर अनुमान लगाया कि वारदात के दौरान दो बदमाश बाहर निगरानी करते रहे।
राकेश के अनुसार, अगले दिन उसने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। 24 तथा 28 नवंबर को एसएसपी से भी शिकायत की, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। पीड़ित ने बताया कि पुलिस की लापरवाही से वारदातें हो रही हैं।
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