बहराइच: गांवों में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहे मवेशी
बहराइच। हुजूरपुर विकास खंड क्षेत्र में छुट्टा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लेकिन निर्देश के बाद भी मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस या गोशाला में नहीं भेजा जा रहा है। किसानों की फसल को खेत में मवेशी चर रहे हैं। हुजूरपुर विकासखण्ड के ताजपुर-गोबरहा गांव में बेसहारा पशुओं से किसान परेशान हैं। बेसहारा …
बहराइच। हुजूरपुर विकास खंड क्षेत्र में छुट्टा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। लेकिन निर्देश के बाद भी मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस या गोशाला में नहीं भेजा जा रहा है। किसानों की फसल को खेत में मवेशी चर रहे हैं।
हुजूरपुर विकासखण्ड के ताजपुर-गोबरहा गांव में बेसहारा पशुओं से किसान परेशान हैं। बेसहारा पशुओं की वजह से किसानों की रात की नींद तो हराम है ही। जरा सी चूक पर फसल भी मवेशी चर रहे हैं। शासन के सख्त निर्देशों के बावजूद अधिकारी गहरी नींद में खोए हुए हैं। सरकार गौशालाओं के निर्माण व बेसहारा पशुओं की देखभाल के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। फिर भी किसानों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
बेसहारा पशु किसान के खेत में खड़ी फसलों को चट किए जा रहे हैं। जिससे किसान परेशान हैं। दिन-रात रखवाली करने के बावजूद किसान अपनी फसल बचा नहीं पा रहे हैं। किसानो का कहना है कि पशु खड़ी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। जिससे उनको अपनी फसलों की लागत व परिवार का भरण पोषण करने में दिक्कत हो रही है। किसानो को झुंड में आए पशुओं को भगाना महंगा पड़ रहा है। पशु वापस मुड़कर किसानों पर वार कर दे रहे हैं। जिससे किसान घायल हो रहे हैं।
खेतो की फसलों को बचाने के लिए चारों तरफ तारबंदी करने के लिए काफ़ी लागत लगती है। जो गरीब किसानो के पहुंच से दूर है। किसान विनय का कहना है कि खेतों से पशुओं के भगाने पर पशु पास के दूसरे खेतों में चले जाते हैं। किसान कलीम, अनुज, हरिशंकर, मलखे, विनोद, विनय, मुनीम, नान्ह, मन्नी, विनय, आसिफ आदि ने मवेशियों को पकड़कर गोशाला या कांजी हाउस में भेजे जाने की मांग की है।
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