लखनऊ: केजीएमयू प्रशासन ने की अपील, कहा- ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर ही आएं मरीज
लखनऊ। कोरोना वायरस की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है। जिसको देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि ओपीडी में व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है, जिससे अधिक संख्या में मरीजों को देखा जा सके। हालांकि ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को कोई दिक्कत ना हो …
लखनऊ। कोरोना वायरस की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है। जिसको देखते हुए केजीएमयू प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि ओपीडी में व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है, जिससे अधिक संख्या में मरीजों को देखा जा सके। हालांकि ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए केजीएमयू प्रशासन ने अपील जारी की है। जिसमें मरीजों से ओपीडी में ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेकर आने का अनुरोध किया गया है।
दरअसल, कोरोना वायरस की तीसरी लहर शुरू होने पर केजीएमयू की ओपीडी में कम संख्या में मरीजों को डॉक्टर देख रहे थे। इसके अलावा मरीजों को ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श लेने के लिए आरटीपीसीआर जांच की भी जरूरत पड़ती थी।
कोरोना का दोनों टीका लगवा चुके लोगों ने नहीं कराना होगा आटीपीसीआर टेस्ट
केजीएमयू के प्रवक्ता डॉ. सुधीर कुमार ने बताया है कि कोरोना महामारी के शुरुआत से ही केजीएमयू मरीजों को निरंतर इमरजेंसी तथा शल्य चिकित्सा मुहैया कराता रहा है। वायरस की रोकथाम के लिए ओपीडी में सामान्य रोगियों को ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने के लिए कहा जाता है।
लेकिन जिन रोगियों द्वारा ऑनलाइन अपॉइंटमेंट नहीं लिया जाता था, उन्हें भी इलाज मुहैया कराया जाता था और आगे भी जिन मरीजों को ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेने में समस्या आएगी, उन्हें मोके पर ही ओपीडी कॉन्प्लेक्स में स्थित हेल्प डेस्क से ऑनलाइन अपॉइंटमेंट दी जाएगी।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि जिन रोगियों ने कोरोना रोधी टीके की दोनों डोज ले रखी है, उन्हें ओपीडी में इलाज के लिए आरटीपीसीआर जांच की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट तथा टीकाकरण पूर्ण न होने पर मरीजों की आरटीपीसीआर जांच देखकर ओपीडी का पर्चा बनाया जाएगा।
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