रामपुर : पांच लाख रुपये की खातिर की थी दामाद की हत्या, ससुर सहित तीन गिरफ्तार
रामपुर,अमृत विचार। जैन इंटर कालेज के चपरासी की हत्या का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चपरासी की हत्या उसके ससुर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जमीन के बैनामे से इंकार करने के बाद …
रामपुर,अमृत विचार। जैन इंटर कालेज के चपरासी की हत्या का कोतवाली पुलिस ने खुलासा कर दिया है। चपरासी की हत्या उसके ससुर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने इस हत्याकांड में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जमीन के बैनामे से इंकार करने के बाद हत्या की घटना को अंजाम दिया गया था।
कोतवाली थाना क्षेत्र के सराय गेट निवासी हीरालाल जैन इंटर कालेज में चपरासी था। 28 जनवरी को वह अचानक घर से गायब हो गया था। उसके बाद परिजन उसको लगातार तलाश कर रहे थे। लेकिन उसका पता नहीं चल रहा था। इस बारे में चपरासी के भाई ने कोतवाली पुलिस को जानकारी दी थी। लेकिन पुलिस ने इसको गंभीरता से नहीं लिया।
चार फरवरी को घास काट रही महिला ने उसका शव देखा, तो चीख निकल गई थी। उसके बाद आसपास के लोग मौके पर आ गए थे। बाद में शव हीरालाल का होना बताते हुए उसके परिजनों को जानकारी दी थी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। मृतक के भाई की तहरीर के आधार पर अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी थी।
पुलिस ने इस मामले में मृतक के ससुर सहित तीन लोगों पर शक होने पर तीनों को पकड़ने पर थाने ले आई। सख्ती के बाद गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस की पूछताछ में हुलासी राम उर्फ अनजाना ने बताया मैने अपनी पुत्री की शादी करीब 25 साल पहले हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने के साथ की थी। मेरा दामाद शराब पीने का आदि था जो कि मेरी लड़की एवं उसके बच्चों की देखभाल नही करता था और न ही खर्च के लिए पैसे देता था। मेरी लड़की बीमार रहती थी।
उसका भी इलाज नही करा रहा था। इलाज के बारे में सोचकर मैंने हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने की ग्राम हजरतपुर में मंदिर के पास की जमीन का सौदा प्रोपर्टी का काम करने वाले मौहम्मद कमर उर्फ नन्हे को करीब आठ माह पहले 21 लाख रुपये में करा दिया था। जिसमें बयाना पांच लाख रुपये हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने को दिलाए थे।
मैंने अपनी लड़की कमलेश की बीमारी का हवाला देकर उससे पांच लाख रुपये ले लिए थे। मेरी लड़की बीमारी के चलते मर गयी थी। मुझसे बार-बार पैसों की माग करता था। मैं पैसे नहीं देना चाहता था। मैंने हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने से कहा जिस जमीन के बयाना के रुपये लिये थे। उसका बैनामा करा दो। हीरालाल सैनी बिना पैसे के बैनामा कराने से मनाकर दिया। मोहम्मद कमर उर्फ नन्हे मुझसे बार-बार बैनामा कराने को कह रहा था। इस बात को लेकर बहुत परेशान रहने लगा। जिसके बाद साथियों के साथ मिलकर हत्या कर दी।
दोस्त को समस्या से कराया था अवगत
आरोपी हुलासी राम का कहना है कि मैंने अपने पुराने साथी भगवतीशरण उर्फ भगवत से पूरी समस्या को बताया था। जिसके बाद 28 फरवरी को भगवतीशरण उर्फ भगवत अपने मिलने वाले अनीस को साथ लेकर मेरे पास आया। हम तीनों ने हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने को जमीन का बैनामा कराने लिए बहुत मनाया परन्तु हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने नही मानाया था। लेकिन वह नहीं माना था।
आरोपियों को दिए थे पचास-पचास हजार रुपये
शहर कोतवाल प्रभारी किशन अवतार ने बताया कि आरोपी हुलासीराम का कहना है कि हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने को रास्ते से हटाने के लिए मैने भगवतीशरण उर्फ भगवत, अनीस को 50-50 हजार रूपये दिये थे। उसके बाद हीरालाल सैनी को समय करीब सात बजे अपने साथ लेकर धोबीघाट बंदे पर आ गया। भगवत,अनीस योजना के अनुसार खाने-पीने का सामान लेकर बंदे पर आ गए। हमने हीरालाल सैनी उर्फ मुन्ने को शराब पिलाई। हम उसे धोबीघाट के सामने सूखे पड़े नाले में ले गए। हमने उसके गले में पड़े मफलर से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। वहां से फरार हो गए।
मृतक के भाई ने पहले ही ससुर पर लगाया था हत्या का आरोप
मृतक हीरालाल के भाई महेंद्र का पहले ही ससुर पर आरोप लगाया था कि जहां उसने पुलिस का बताया था कि उसके भाई ने एक जमीन का सौंदा किया था।जिसका पांच लाख रुपये भाई के ससुर ने रख लिया था। इसी को लेकर विवाद चला आ रहा था। अपनी पत्नी के बीमारी में भी पैसे लगाए थे। जब वह 23 जनवरी को मरी तो हीरालाल तक को नहीं बताया। इसके साथ ही उसकी अस्थियां तक नहीं दी गईं।
पकड़े गए आरोपी
1-हुलासीराम उर्फ अनजाना पुत्र स्व डोरीलाल निवासी चादर वाला बाग
2.भगवतीशरण उर्फ भगवत पुत्र सरजीत निवासी ग्राम बरवारा खास थाना मूंढापांडे
3 अनीस पुत्र नन्हे निवासी ग्राम बरवारा खास थाना मूंढापांडे
बरामद रुपये
1-हुलासीराम उर्फ अनजाना से 20200 रुपये एक मोबाइल
2.भगवतीशरण उर्फ भगवत से 1600/ रुपये एक मोबाईल
3.अनीस से 400 रुपये
