लखनऊ: यूक्रेन से निकली बेटी, माता-पिता ने ली राहत की सांस
लखनऊ। यूक्रेन पर रूस के हमले का पूरे विश्व पर गहरा असर हुआ है, भारत पर भी इसका असर देखा जा रहा है, यह यूक्रेन व रूस के बीच चल रही जंग ही है, जिसके चलते हजारों की संख्या में भारतीय छात्र वहां फंस गए थे, उनमें से कई छात्र स्वदेश लौटने में कामयाब हुए …
लखनऊ। यूक्रेन पर रूस के हमले का पूरे विश्व पर गहरा असर हुआ है, भारत पर भी इसका असर देखा जा रहा है, यह यूक्रेन व रूस के बीच चल रही जंग ही है, जिसके चलते हजारों की संख्या में भारतीय छात्र वहां फंस गए थे, उनमें से कई छात्र स्वदेश लौटने में कामयाब हुए हैं, तो वहीं अभी भी सैकड़ों भारतीय छात्रों को घर लौटने का इंतजार है। उन्हीं में से एक है लखनऊ की रहने वाली ऋषिका।
-6 डिग्री में कई किलोमीटर पैदल चले छात्र
ऋषिका यूक्रेन की एक यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस कर रही हैं, यह उनका तीसरा साल था, इस साल उनका एग्जाम होने वाला था, कैरियर ना खराब हो इस वजह से वह भारत नहीं लौटी, लेकिन जब यूक्रेन के हालात खराब हुए, उसके बाद उन्होंने काफी कोशिश की, लेकिन वह भारत नहीं लौट सकी, -6 डिग्री में कई किलोमीटर पैदल चलने, घंटों लाइन में लगने के बाद अब उनके भारत लौटने का रास्ता साफ हुआ है, तब जाकर उनके माता-पिता ने राहत की सांस ली है।
ऐसा बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में ऋषिका समेत डेढ़ सौ बच्चें रोमानिया के बुखारेस्ट शहर में है, वहां पर स्थानीय जनता तथा भारतीय दूतावास के अधिकारी उनकी मदद कर रहे हैं और जल्द ही ये सभी भारत पहुंच जाएंगे। लेकिन यूक्रेन से रोमानिया पहुंचने तक इन बच्चों का सफर काफी डरावना व खतरनाक रहा है। अपने घर लौटने के लिए इन बच्चों ने कई किलोमीटर बिना खाए-पीए पैदल चलकर अपनी जान बचाई है।
2014 से ही यूक्रेन में थी कि यहां युद्ध हो सकता है
ऋषिका की मां रूपाली घोष बताती हैं कि साल 2014 से ही यूक्रेन में इस बात की चर्चा आम थी कि यहां युद्ध हो सकता है, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, इसके चलते लोगों में उस तरह का भय नहीं था, अचानक से बीते महीने में 15 तारीख को एडवाइजरी जारी होती है, लेकिन उस दौरान वहां पर बच्चों को फेल होने का डर दिखाया गया, इस वजह से समय रहते बच्चें नहीं निकल पाए। बाद में रास्ता ही नहीं बचा बाहर निकलने का, ना फ्लाइट के टिकट मिल रहे थे और ना कोई मदद कर रहा था। हालांकि इस बीच में भारत सरकार ने काफी मदद की जिसके चलते बच्चें सही सलामत घर लौटने लगे। रूपाली घोष ने सरकार के कार्य की सराहना करते हुए जल्द से जल्द बच्चों को उनके घर पहुंचाने की अपील की है।
पढ़ें-IPL 2022 : 14 या 15 मार्च से अभ्यास शुरू करेंगी आईपीएल टीमें, की गई पांच स्थलों की पहचान
