हरदोई: हाईवे के किनारे मिला मिठाई कारोबारी का शव, दोस्त के लापता होने से उलझी गुत्थी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

हरदोई। गाड़ी का हिसाब-किताब कर अपने दोस्त के साथ बाइक से वापस घर लौट रहे युवक का शव बिल्हौर-कटरा हाई-वे के किनारे झाड़ियों में पड़ा पाया गया। जबकि उसका दोस्त नहीं मिला। दोस्त के इस तरह मौके से लापता होने से युवक की मौत हादसा और हत्या के बीच उलझ कर रह गई है। पुलिस …

हरदोई। गाड़ी का हिसाब-किताब कर अपने दोस्त के साथ बाइक से वापस घर लौट रहे युवक का शव बिल्हौर-कटरा हाई-वे के किनारे झाड़ियों में पड़ा पाया गया। जबकि उसका दोस्त नहीं मिला। दोस्त के इस तरह मौके से लापता होने से युवक की मौत हादसा और हत्या के बीच उलझ कर रह गई है। पुलिस गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है।

बताया गया है कि हरपालपुर थाने के सतौथा निवासी सुरेंद्र सिंह का 35 वर्षीय पुत्र विवेक सिंह की ककरा तिराहे पर मिठाई की दुकान है। इन दिनो दुकान बंद चल रही है। विवेक के बड़े भाई विकास सिंह ने बताया कि उसकी गाड़ी चुनाव में लगी हुई थी। बुधवार की सुबह विवेक गांव में रहने वाले अपने दोस्त रामराखा पुत्र मुनेश चन्द्र के साथ गाड़ी का हिसाब-किताब करने बाइक से हरदोई शहर आया हुआ था। इसके बाद से वह घर नहीं लौटा। गुरुवार की सुबह उसे खबर सुनने को मिली कि विवेक का शव लमकन और इकनौरा गांव के बीच हाई-वे के किनारे झाड़ियों में पड़ा हुआ है।

वहीं पास में बाइक भी खड़ी हुई है। विवेक के साथ गए रामराखा का कुछ पता नहीं चला। बकौल विकास सिंह रामराखा का मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है। विवेक किसी हादसे का शिकार हुआ होता तो रामराखा भी साथ में ही होता, लेकिन उसके लापता होने से तमाम तरह के कयास लगाए जा रहें हैं। यह भी कहा जा रहा है कि हिसाब-किताब कर लौट रहे विवेक के पास कुछ नगदी भी होगी, लेकिन पास से कुछ बरामद न होना किसी साजिश का हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस के मुताबिक मामले की गहराई से जांच-पड़ताल की जा रही है। विवेक की मौत का जल्द ही खुलासा कर लिया जाएगा।

तिनके की तरह बिखर गया घर

सतौथा का विवेक सिंह मिठाई की दुकान चलाने के अलावा मेहनत-मज़दूरी कर अपने इकलौते बेटे सूर्य सिंह की परवरिश करते हुए अपनी पत्नी कुंती सिंह के साथ हंसी-खुशी रह रहा था। लेकिन इसी बीच अचानक विवेक की मौत होने से उसकी कच्ची घर-गृहस्थी तिनके की तरह टूट कर बिखर गई।

फर्रुखाबाद गए हुए थे घर वाले

विवेक के बड़े भाई विकास सिंह का कहना है कि फर्रुखाबाद में उसके बहनोई रहते हैं।उनके यहां पूजा थी। सभी लोग वहीं थे। विवेक भी गया हुआ था। घर में गाय भी है। विवेक उसी का हवाला देते हुए मंगलवार की शाम को गांव लौट आया था। इसके बाद बुधवार की सुबह वह रामराखा के साथ बाइक से निकला था।

यह भी पढ़ें:-UP Election: चंदौली में बोले पीएम मोदी- हमारा जनता से पक्‍का गठबंधन, सिर्फ चुनावों में याद आते महाराजा सुहेलदेव

संबंधित समाचार