रामपुर : यूक्रेन में हुई तबाही देखकर सोचने पर मजबूर छात्र-छात्राएं

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। यूक्रेन में तबाही को देखकर यूक्रेन से आए छात्र-छात्राएं सोचने पर मजबूर हो गए। बताते हैं कि फिलहाल तो यूक्रेन में 15 दिन के लिए तमाम यूनिवर्सिटियां कालेज और दफ्तर बंद कर दिए गए हैं। क्योंकि, रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद हालात बहुत बिगड़ गए हैं। युद्ध के क्या परिणाम …

रामपुर, अमृत विचार। यूक्रेन में तबाही को देखकर यूक्रेन से आए छात्र-छात्राएं सोचने पर मजबूर हो गए। बताते हैं कि फिलहाल तो यूक्रेन में 15 दिन के लिए तमाम यूनिवर्सिटियां कालेज और दफ्तर बंद कर दिए गए हैं। क्योंकि, रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद हालात बहुत बिगड़ गए हैं। युद्ध के क्या परिणाम रहते हैं इसके पश्चात ही छात्र-छात्राएं अपनी पढ़ाई के लिए अगली रणनीति बनाएंगे।

रूस के हमले के बाद यूक्रेन में हुई तबाई के बाद रामपुर आए छात्र-छात्राएं काफी दहशत में हैं। फिलहाल, वे किसी नतीजे पर पहुंचने की स्थिति में नहीं हैं। उनके घरों पर कुशल क्षेम पूछने वालों की आवाजाही काफी बढ़ गई है। लोग तरह-तरह के सवाल कर रहे हैं। यूक्रेन पर हमले के बाद चारों ओर मिजाइले इमारतों को निशाना बना रही थीं। इसके अलावा जगह-जगह बमबारी और गोलीबारी हो रही थी।

यूक्रेन और रूस के बीच जारी संघर्ष भीषण रूप लेता जा रहा है। रूसी सेनाओं ने खारकीव, बुका, कीव, इरपिन में रिहायशी इलाकों में मिजाइलें और राकेट दागकर तबाही मचा दी है। तमाम ऊंची-ऊंची इमारतें खंडहर में तब्दील हो गई हैं। रूस की फौज के निशाने पर कीव और खारकीव के अलावा मेरियूपोल और जितोमिर में हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन से सकुशल अपने वतन लौटकर आई सहर खान बताती हैं कि यूक्रेन के हालात बहुत खराब हैं। जंग के बाद वहां के हालात क्या रहते हैं इसके बाद ही कोई निर्णय लेंगे।

बिलासपुर के मनकरा निवासी फुरकान अली सूमी यूनिवर्सिटी में एमबीबीएस के पांचवे साल के छात्र हैं। फुरकान अली के भाई अफरोज अली बताते हैं कि अभी भाई समेत तमाम छात्र-छात्राएं सूमी यूनिवर्सिटी के हास्टल नंबर तीन, चार और पांच में कोई मदद नहीं पहुंची है। एसडीएम बिलासपुर और तहसीलदार घर पहुंचे और आनलाइन बातचीत कर आश्वासन दिया कि जल्दी ही सभी को वहां से भारत लाया जाएगा।

कहा कि यूक्रेन के हालात कैसे रहते हैं इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। शहर के मोहल्ला घेर सैफुद्दीन खां निवासी समीना नादिर की बेटी शजा उस्मान पोलैंड पहुंच गई हैं। खारकीव नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी में पढ़ रहीं शजा उस्मान की मां कहती हैं कि यूक्रेन पूरी तरह तबाह हो गया है। उनकी बेटी बमुश्किल पोलैंड बार्डर क्रास कर पाई है। बार्डर पर दस लड़कियां बेहोश हो गईं।

इंडियन एंबेसी में फोन नहीं उठ रहा है काफी परेशानी हो रही है। पोलैंड पुलिस बच्चों को लेकर कहां जा रही है यह भी नहीं बताया गया है। इससे पहले बार्डर पर करीब छह घंटे तक बसें खड़ी रहीं। कहती हैं कि यूक्रेन की तबाही के बाद बच्चे दोबारा वहां पढ़ने जाएंगे यह साफ नहीं है। आगे क्या हालात होंगे अभी नहीं कहा जा सकता।

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