हरदोई: परिजनों के बीच पहुंचते ही रो पड़ी वैशाली, आरती उतारकर मां ने किया स्वागत

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हरदोई। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करके बृहस्पतिवार की देर रात लखनऊ स्थित अपने आवास पर परिजनों से मिलते ही आंखे नम हो गई, वैशाली यादव का परिजनों ने तिलक के साथ आरती उतार फूल मालाओं से स्वागत किया।वैशाली ने बताया कि यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान बिताए गए सात दिन उसे सात …

हरदोई। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करके बृहस्पतिवार की देर रात लखनऊ स्थित अपने आवास पर परिजनों से मिलते ही आंखे नम हो गई, वैशाली यादव का परिजनों ने तिलक के साथ आरती उतार फूल मालाओं से स्वागत किया।वैशाली ने बताया कि यूक्रेन पर रूस के हमले के दौरान बिताए गए सात दिन उसे सात साल पर भारी पड़ रहे थे। जिसमें हर पल बम का धमाका उसके सर पर महसूस हो रहा था। हर पल जिंदगी और मौत के बीच बाजी जीत घर में परिजनों को देखकर वैशाली की आंखों में खुशी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

वैशाली के घर पहुंचते ही उसकी ताई ऊषा ने आरती उतारकर तिलक लगाया, बहन मुस्कान, रितिका, पलक,व भाई कार्तिकेय ने फूल मालाओं से लाद गले लगा कर उसका स्वागत किया।भारतीय समयानुसार बुधवार की रात 1:30 बजे की फ्लाइट से दिल्ली पहुंची। जहां से सरकारी कार से गुरुवार की देर रात अपने लखनऊ आवास पर पहुंची वैशाली ने बताया कि कटियारी समेत पूरे देश के लोगों की दुआओं से सुरक्षित घर पहुंच पाई है। इसमें जिला प्रशासन प्रदेश सरकार व भारत सरकार के प्रयासों के लिए आभार जताया।

वैशाली ने मीडिया के प्रयासों की भी सराहना की। वैशाली ने बताया कि 24 फरवरी को शुरू हुई बमबारी के बाद तीन दिन तक अपने फ्लैट में बम के धमाकों की गूंज उसके कानों में होती रही। इसके बाद वह बिना किसी सुरक्षा के 15 किलोमीटर तक जिंदगी और मौत से जूझती हुई पैदल रोमानिया पहुंची। इस बीच उसे पूरे 24 घंटे खड़े रहकर गुजारने पड़े।

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