मतगणना का दिन करीब आते ही गोवा कांग्रेस के नेता पहुंचने लगे दिल्ली
पणजी। दस मार्च को गोवा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले कांग्रेस नेता माइकल लोबो ने दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात कर राज्य के संभावित राजनीतिक परिदृश्य और सरकार गठन के मुद्दे पर चर्चा की। सूत्रों ने बताया कि लोबो के वेणुगोपाल से मिलने के एक …
पणजी। दस मार्च को गोवा विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले कांग्रेस नेता माइकल लोबो ने दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के महासचिव के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात कर राज्य के संभावित राजनीतिक परिदृश्य और सरकार गठन के मुद्दे पर चर्चा की।
सूत्रों ने बताया कि लोबो के वेणुगोपाल से मिलने के एक दिन बाद गोवा प्रदेश कांग्रेस समिति (जीपीसीसी) के प्रमुख गिरीश चोडनकर और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता दिगंबर कामत शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मिलने राष्ट्रीय राजधानी जा रहे हैं, ताकि नतीजों के बाद की संभावित रणनीतियों पर चर्चा की जा सके।
वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद लोबो ने ट्वीट किया, “नतीजों के बाद के राजनीतिक परिदृश्य और सरकार गठन को लेकर एआईसीसी महासचिव (संगठन) के.सी. वेणुगोपाल जी के साथ उपयोगी बातचीत की। उन्हें बताया कि गोवा के लोग गोवा कांग्रेस पर भरोसा करते हैं और उन्होंने हमें जनकेंद्रित सरकार बनाने के लिए वोट दिया है।” शनिवार को चोडनकर दिल्ली पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां से राज्य इकाई के सभी अध्यक्षों और विधायक दल के नेताओं को स्थिति का विश्लेषण करने के लिए दिल्ली बुलाया गया है। सूत्रों ने बताया कि कामत भी शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे। कांग्रेस 2017 की स्थिति की पुनरावृत्ति को लेकर सतर्क है, जब गोवा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरने के बावजूद उसे सरकार बनाने की दौड़ से बाहर कर दिया गया था।
2017 के चुनावों में कांग्रेस ने 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में सर्वाधिक 17 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा महज 13 सीटें हासिल कर सकी थी। हालांकि, भाजपा ने कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए मनोहर पर्रिकर के नेतृत्व में क्षेत्रीय दलों की मदद से गठबंधन सरकार बना ली थी।
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