लखनऊ: 1400 स्वास्थ्य कर्मचारियों के काम करने पर लगी रोक, हेल्थ वर्करों में फैला रोष
लखनऊ। कोरोना वायरस के दौर में राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में रखे गए करीब 1400 स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार को इन सभी कर्मचारियों को कोई काम नही दिया गया। इस बात से स्वास्थ्य कर्मचारियों में हताशा व्याप्त हो गई है। दरअसल कोरोना …
लखनऊ। कोरोना वायरस के दौर में राजधानी के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में रखे गए करीब 1400 स्वास्थ्य कर्मचारियों की सेवाओं पर रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि शनिवार को इन सभी कर्मचारियों को कोई काम नही दिया गया। इस बात से स्वास्थ्य कर्मचारियों में हताशा व्याप्त हो गई है।
दरअसल कोरोना काल में अस्पतालों में मानव संसाधन की भारी कमी को देखते हुए सरकार ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से 14 00 कर्मचारियों को केजीएमयू, लोहिया संस्थान समेत राजधानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा बाल महिला चिकित्सालय में तैनात किया था।
कोरोना वायरस के दूसरी लहर के समाप्त हो जाने के बाद साल 2021 के नवंबर महीने में इन सभी कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई थी, लेकिन कुछ महीने बाद ही कोरोना वायरस की तीसरी लहर आने पर इन सभी कर्मचारियों की सेवा बहाल कर दी गई। अब एक बार फिर जब कोरोना वायरस की तीसरी लहर समाप्त हो गई है, तब इन सभी कर्मचारियों को कार्य मुक्त कर दिया गया है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों के नेता सच्चिदानंद ने बताया है कि महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य के आदेश जारी होने के बाद भी कुछ अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। जिलाधिकारी तथा सीएमओ द्वारा मनमाने तरीके से 1400 कर्मचारियों को कार्य मुक्त कर दिया गया है, जो कि अन्याय पूर्ण है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी इस मामले में जल्द ही न्यायालय से गुहार लगाएंगे।
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