पीलीभीत: होली का त्योहार नजदीक, छह हजार शिक्षकों का वेतन लटका
पीलीभीत, अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त लेखाधिकारी कार्यालय की लापरवाही से एक बार फिर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन लटक गया है। फरवरी माह का वेतन अब तक न मिलने से शिक्षकों में रोष है, तो वहीं होली जैसे बड़े पर्व पर यह लापरवाही विभाग की फजीहत कर रही है। …
पीलीभीत, अमृत विचार। बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त लेखाधिकारी कार्यालय की लापरवाही से एक बार फिर परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों को वेतन लटक गया है। फरवरी माह का वेतन अब तक न मिलने से शिक्षकों में रोष है, तो वहीं होली जैसे बड़े पर्व पर यह लापरवाही विभाग की फजीहत कर रही है। हालांकि जिम्मेदार अफसर इस लापरवाही के पीछे इनकम टैक्स के प्रपत्र में देरी बताकर अपनी साख बचाने में जुटे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त लेखाधिकारी कार्यालय में वित्त एवं लेखाधिकारी समेत स्थायी स्टाफ मौजूद नहीं है। लेखाधिकारी अंजू सिंह के तबादला होने के बाद इस विभाग की जिम्मेदारी डीआईओएस कार्यालय में तैनात लेखाधिकारी को दे दी गई है। मूल तैनाती न होने के कारण बेसिक शिक्षकों से जुड़े मामलों में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, किसी का एरियर रूका है तो किसी का जीपीएफ का फंड। इतना ही नहीं शिक्षकों के काम करने के नाम पर उनसे कमीशन तक तय किया जाता है, वरना काम अधर में लटका दिया जाता है। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात छह हजार शिक्षकों का लेखा विभाग की लापरवाही से फरवरी माह का वेतन लटक गया है। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि होली के त्योहार से पहले उन्हें वेतन दे दिया जाए। ताकि सभी सकुशल ढंग से त्योहार मना सके लेकिन विभाग की लापरवाही है, जो कम होने का नाम नहीं ले रही है। वित्तीय वर्ष में इनकम टैक्स कटने के प्रपत्र को जमा न होने की वजह से देरी बता रहे है, जबकि अधिकतर शिक्षकों ने अपने प्रपत्र खंड शिक्षा कार्यालय में जमा कर चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी उनका वेतन नहीं पड़ सका है।
69 हजार भर्ती वाले शिक्षकों को एरियर भी लटका
69 हजार भर्ती में चयन होकर आए शिक्षकों में से बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाओं का एरियर का पैसा भी लटका हुआ है। शिक्षक लगातार लेखा विभाग के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। इन शिक्षकों को आज कल का समय दिया जा रहा है। इन शिक्षकों को काम करने के एवज में मोटी कमीशन की मांग की जा रही है।
वर्जन
सभी शिक्षकों के बिल तैयार कर लिए गए हैं। वित्तीय वर्ष का समय चल रहा है। इनकम टैक्स के प्रपत्र में देरी होने की वजह से वेतन रुक गया था। जल्द ही सभी का वेतन डाल दिया जाएगा। – सर्वेश मिश्रा, प्रभारी वित्त लेखाधिकारी
