दो कैबिनेट मंत्रियों को हटाने के बाद श्रीलंका की गठबंधन सरकार में दरार

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कोलंबो। श्रीलंका के जल आपूर्ति मंत्री वसुदेव नानायक्कारा ने सोमवार को कहा कि वह देश के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वारा अपने दो सहकर्मियों को बर्खास्त करने के विरोध में मंत्रिमंडल की बैठकों का बहिष्कार करेंगे। इन मंत्रियों को पिछले हफ्ते मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान हटाया गया, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में दरार आती नजर …

कोलंबो। श्रीलंका के जल आपूर्ति मंत्री वसुदेव नानायक्कारा ने सोमवार को कहा कि वह देश के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे द्वारा अपने दो सहकर्मियों को बर्खास्त करने के विरोध में मंत्रिमंडल की बैठकों का बहिष्कार करेंगे। इन मंत्रियों को पिछले हफ्ते मंत्रिमंडल में फेरबदल के दौरान हटाया गया, जिससे सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में दरार आती नजर आ रही है।

राजपक्षे ने गुरुवार को दो शीर्ष पद वाले कैबिनेट मंत्रियों उदय गम्मनपिला को ऊर्जा मंत्री तथा विमल वीरवंस को उद्योग मंत्री पद से हटा दिया था। इन दोनों मंत्रियों ने राजपक्षे के छोटे भाई और वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे की खुलकर आलोचना करते हुए उन पर आरोप लगाया था कि वह अड़ियल रवैये से काम रह रहे हैं, जिससे द्वीपीय देश में आर्थिक मुश्किलें पैदा हुईं। श्रीलंका अभी विदेशी मुद्रा संबंधी गंभीर संकट का सामना कर रहा है और सरकार आवश्यक आयातित सामान का बिल भी नहीं भर पा रही है।

बर्खास्त किए गए ये मंत्री सत्तारूढ़ श्रीलंका पादुजन पेरामुन (एसएलपीपी) के सदस्य हैं। नानायक्कारा ने कहा, ”मेरी पार्टी की केंद्रीय समिति ने फैसला किया है कि मैं मंत्रिमंडल की बैठकों से दूर रहूंगा लेकिन मंत्री पद पर बना रहूंगा।” राजपक्षे परिवार की श्रीलंका में मजबूत राजनीतिक छवि है और उसकी देश की राजनीति पर मजबूत पकड़ है। श्रीलंका में 2019 के चुनाव के बाद राजपक्षे परिवार ने मौजूदा सरकार में कई विभागों पर अपना नियंत्रण रखा है।

ये भी पढ़ें:- कांग्रेस ने कहा- गोवा में चुनाव बाद भाजपा के अलावा अन्य भी दल के साथ गठबंधन को हैं तैयार

संबंधित समाचार