यूपी चुनाव 2022: योगी के सहारे पार हो गई मंत्रियों की नैय्या तो मतदाताओं की नाराजगी से कई हारे
लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छवि के सहारे भाजपा ने प्रचंड बहुमत तो दिलवा दिया लेकिन व्यक्तिगत कार्यशैली की वजह से उनके कई मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। जबकि कई मंत्री दोबारा चुनाव जीतने में सफल रहे। अहम बात ये रही कि काफी कड़े मुकाबले के बीच उप मुख्यमंत्री केशव …
लखनऊ। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के छवि के सहारे भाजपा ने प्रचंड बहुमत तो दिलवा दिया लेकिन व्यक्तिगत कार्यशैली की वजह से उनके कई मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा। जबकि कई मंत्री दोबारा चुनाव जीतने में सफल रहे। अहम बात ये रही कि काफी कड़े मुकाबले के बीच उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य कौशाम्बी की सिराथु सीट से चुनाव हार गए हैं। जानकारों के अनुसार मोदी-योगी लहर के बीच भाजपा के अधिकांश मंत्री सीट बचाने में सफल रहे लेकिन मतदाताओं की नाराजगी की वजह से मंत्रियों को हार का भी सामना करना पड़ा।
कहा जाता है कि मेरठ की हस्तिनापुर सीट से जिस पार्टी का विधायक बनता हैं, उसकी प्रदेश में सरकार बनती है। दशकों से चल रही इस किवदंती को जलशक्ति एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने सही साबित किया। इस सीट से उन्होंने दोबारा 60 हजार से अधिक मतों से चुनाव जीतने में सफलता पाई। वहीं गाजियाबाद से खाद्य व् रसद , राज्य मंत्री अतुल गर्ग भी दोबारा जीत हासिल करने में सफल रहे।
कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण छाता से, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा मथुरा से , राजय मंत्री गुलाब देवी चंदौसी (सुरक्षित) से और नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना नौवीं बार शाहजहांपुर विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुए हैं। इसी प्रकार नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता बदायूं से और कैबिनेट मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री भोगांव से दोबारा जीतने में सफल हुए। सिकंदरा सीट से सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री अजीत सिंह पाल भी चुनाव जीतने में सफल रहे।वहीं, कानपुर की कल्याणपुर सीट से राज्य मंत्री नीलिमा कटियार , महाराजपुर सीट सतीश महाना फिर एक बार विधानसभा पहुंचने में सफल हुए।
लखनऊ पूर्व से आशुतोष टंडन , लखनऊ कैंट से ब्रजेश पाठक ने भी अपने विरोधियों को हराने में सफल हुए। इलाहाबाद पश्चिम सीट से सिद्धार्थ नाथ सिंह, फतेहपुर की बिंदकी सीट से जयकुमार सिंह जैकी (अपना दल) बिंदकी भी चुनाव जीतने में सफल रहे। बलरामपुर में मंत्री पल्टूराम भी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहे। वहीं समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री पारंपरिक मनकापुर सीट पर भारी बढ़त से आगे हैं। प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री सूर्य प्रताप साही पथरदेवा सीट जीत के करीब हैं तो वहीं सहकारिता राज्य मंत्री संगीता बलवंत गाजीपुर सीट पर बढ़त दर्ज कर चुकी हैं।
प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री अनिल राजभर ने वाराणसी के शिवपुर सीट पर सुभासपा नेता ओपी राजभर के पुत्र अरविंद राजभर को हराने में सफल रहे। इसी प्रकार वाराणसी उत्तरी सीट से रवींद्र जायसवाल और वाराणसी दक्षिण से मंत्री नीलकंठ तिवारी भी अपनी सीट बचाने में सफल हुए। मुगल सराय सीट पर राज्यमंत्री रमेश जायसवाल और आगरा कैंट से राज्य मंत्री जीएस धर्मेश ने भी आगरा कैंट सीट पर काफी बढ़त बना ली है।
पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के सुपौत्र संदीप कुमार सिंह ने भी अतरौली विधानसभा सीट पर निर्णायक बढ़त हासिल कर ली है। प्रयागराज शहर दक्षिणी सीट से मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी को भी जीत मिली है। फेफना सीट पर काफी कड़े मुकाबले के बाद उपेंद्र तिवारी चुनाव जीतने में सफल रहे। मुजफ्फरनगर में मंत्री कपिलदेव अग्रवाल भी अपने प्रतिदंदी से काफी पीछे हैं।
ये मंत्री हारे
सिराथू सीट पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य 24वें राउंड की मतगणना तक सपा प्रत्याशी पल्लवी पटेल से करीब 1900 मतों से पीछे हैं। इसी तरह थाना भवन में गन्ना मंत्री सुरेश राणा रालोद उम्मीदवार अशरफ अली खान से चुनाव हार गए । बहेड़ी विधानसभा सीट से मंत्री छत्रपाल सिंह पीछे चल रहे हैं। यहां सपा के अताउर रहमान उनसे आगे हैं। कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोदी पट्टी सीट पर सपा प्रत्याशी से चुनाव हार गए हैं।
वहीं धार्मिक नगर चित्रकूट में लोक निर्माण राज्यमंत्री चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय सपा प्रत्याशी अनिल प्रधान से 15 हजार वोटों से चुनाव हार गए हैं। बिलासपुर सीट से राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख पीछे चल रहे हैं। हुसैन गंज से रणवेंद्र प्रताप सिंह चुनाव हार गए । सिद्धार्थनगर जिले के इटवा विधानसभा बेसिक शिक्षा मंत्री सतीश द्विवेदी चुनाव हार गए हैं। उन्हें सपा प्रत्याशी माता प्रसाद पांडेय पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने 1526 वोटों से हरा दिया है।
यह भी पढ़ें:-यूपी चुनाव: ललितपुर की दोनों विधानसभा सीटों पर फिर लहराया भगवा परचम
