बरेली: कमल और साइकिल के आसपास भी नहीं टिका हाथी
बरेली,अमृत विचार। पूरे प्रदेश की तरह जिले में भी बसपा का सफाया हो गया। मतगणना से पहले बसपा भले कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले बनाती लग रही है, लेकिन गुरुवार को वोटों की गिनती शुरू होने कुछ देर बाद से ही सभी 9 विधानसभा सीटों पर हाथी हांफता नजर आया। इसकी वजह पार्टी के कोर …
बरेली,अमृत विचार। पूरे प्रदेश की तरह जिले में भी बसपा का सफाया हो गया। मतगणना से पहले बसपा भले कई सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले बनाती लग रही है, लेकिन गुरुवार को वोटों की गिनती शुरू होने कुछ देर बाद से ही सभी 9 विधानसभा सीटों पर हाथी हांफता नजर आया। इसकी वजह पार्टी के कोर वोटर का भाजपा के पाले में शिफ्ट हो जाना माना जा रहा है।
जिले में बसपा भले तीसरे नंबर की पार्टी रही है, लेकिन उसके प्रत्याशियों को अपनी जमानत बचाना तक मुश्किल हो गया। भोजीपुरा विधानसभा सीट से योगेश कुमार और बिथरी चैनपुर से आशीष पटेल का प्रदर्शन ठीक-ठाक कहा जा सकता है। योगेश कुमार को 26946 और आशीष पटेल को 22727 मत मिले।
बावजूद इसके दोनों ही सपा और भाजपा प्रत्याशियों के आसपास भी नजर नहीं आए। आंवला से लक्ष्मण प्रसाद को 13980, फरीदपुर से शालिनी सिंह को 14434, मीरगंज से कुंवर भानु प्रताप को 19189, बहेड़ी से आसेराम को 15814, नवाबगंज से युसुफ खान को 11047 मत प्राप्त हुए।
प्रत्याशियों का यह प्रदर्शन आने वाले दिनों में बसपा के लिए काफी भारी पड़ सकता है। देहात क्षेत्रों में बसपा का कोर वोट बीते चुनावों में दिल खोलकर पार्टी का साथ देता था। इस चुनाव से पहले भी इस बात की प्रबल संभावनाएं थीं कि बसपा का परंपरागत वोटर पार्टी से नाराज चल रहा है।
फिर चाहे बीते लोकसभा चुनावों में समाजवाटी पार्टी से गठबंधन रहा हो या फिर बसपा सुप्रीमो का बेदिली से चुनाव लड़ना। इसके अलावा बसपा सुप्रीमो मायावती खुद भी इस बार चुनाव मैदान में नहीं थीं। इसका असर प्रदेश भर में पार्टी के प्रदर्शन पर पड़ा।
शहर के वोटरों ने बसपा से बनाई दूरी
शहरी क्षेत्र की सीटें कैंट और बरेली शहर विधानसभा पर बसपा के प्रत्याशियों के प्रदर्शन से अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि शहर में मतदाताओं ने बसपा से दूरी बना ली। यहां तक कि बसपा का कोर वोटर भी उसके साथ खड़ा नजर नहीं आया। शहरी क्षेत्र में जातिगत समीकरणों का ढेर होना इस ओर भी इशारा करता है।
शहर का मतदाता वोट बैंक बनकर नहीं, बल्कि मुद्दों और माहौल के हिसाब से शिफ्ट होना पसंद करता है। शहरी क्षेत्र में बसपा के पाले में रहने वाले वोटर ने इस बार भाजपा के पक्ष में रहकर मतदान किया। बरेली शहर सीट पर बसपा प्रत्याशी ब्रह्मानंद को महज 6982 मत मिले तो कैंट सीट पर अनिल कुमार को 3370 वोट मिले।
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