हल्द्वानी वन डिवीजन के जंगलों में हैं 4400 बंदर-लंगूर
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने हल्द्वानी वन डिवीजन ने बंदरों और लंगूरों की गणना पूरी कर ली है। नैनीताल जनपद में हल्द्वानी से चंपावत तक 4,400 बंदर और लंगूर पाए गए हैं। वन अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल 21 दिसंबर को पूरे प्रदेश में एक साथ बंदरों व लंगूरों की गणना की थी। इसी …
हल्द्वानी, अमृत विचार। वन विभाग ने हल्द्वानी वन डिवीजन ने बंदरों और लंगूरों की गणना पूरी कर ली है। नैनीताल जनपद में हल्द्वानी से चंपावत तक 4,400 बंदर और लंगूर पाए गए हैं।
वन अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल 21 दिसंबर को पूरे प्रदेश में एक साथ बंदरों व लंगूरों की गणना की थी। इसी क्रम में हल्द्वानी वन डिवीजन की छकाता, नंधौर, डांडा, जौलासाल, शारदा पांचों वन रेंज में बंदर व लंगूरों की डायरेक्ट साइटिंग उपाय से गिनती की गई। वन अधिकारियों के अनुसार बंदर व लंगूर मानवीय बस्तियों, मंदिरों, कूड़ाघरों के आसपास या समीपवर्ती जंगलों में रहते हैं। वन टीमों को गणना के लिए लगाया गया था। इधर, गणना का परिणाम आ गया है। परिणाम आने के 1298 लंगूर और 3102 बंदूर मिले हैं।
वन रेंज बंदरों की संख्या लंगूरों की संख्या
छकाता 926 380
नंधौर 544 179
डांडा 957 411
जौलासाल 181 261
शारदा 494 67
कुल 3,102 1,208
