बड़ा दावा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रासायनिक हथियारों की चर्चा तेजी से हो रही है। रासायनिक हथियार विकसित करने के रूस के आरोपों पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन में कोई भी जैविक हथियार या सामूहिक विनाश का कोई अन्य हथियार विकसित नहीं किया गया। जबकि रूस ने दावा …

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में रासायनिक हथियारों की चर्चा तेजी से हो रही है। रासायनिक हथियार विकसित करने के रूस के आरोपों पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन में कोई भी जैविक हथियार या सामूहिक विनाश का कोई अन्य हथियार विकसित नहीं किया गया। जबकि रूस ने दावा किया है कि अमेरिका यूक्रेन में जैविक हथियारों के विकास के लिए धन मुहैया करा रहा है। रूस ने अपने इस बड़े दावे पर, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से आपात बैठक बुलाने का अनुरोध किया था जिसे यूएनएससी ने स्वीकार कर लिया।

वहीं पश्चिमी देशों का कहना है कि यूक्रेन में जैविक और रासायनिक हथियारों के अपने संभावित उपयोग को सही ठहराने के लिए इस तरह के आरोप गढ़े जा रहे हैं। इससे पहले रूस आरोप लगा चुका है कि यूक्रेन में कई ऐसी प्रयोगशालाओं में जैविक हथियारों पर शोध किया जा रहा है, जिनकी फंडिंग अमेरिका कर रहा है। शुक्रवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने यूक्रेन को सलाह दी है कि वह उन खतरनाक पैथोजेन (रोगजनक) को नष्ट कर दें जिन पर वहां की प्रयोगशालाओं में शोध किया जा रहा है। रोगजनक उन्हें कहा जाता है, जिनके कारण कई तरह की बीमारियों का जन्म होता है। इसमें विषाणु, जीवाणु, कवक, परजीवी आदि आते हैं।

रूस और यूक्रेन युद्ध को शुरु हुए अब दो सप्ताह हो चुके हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की को शायद यह उम्मीद थी कि रूस के खिलाफ अमेरिका और नाटो देश यूक्रेन के साथ खड़े होंगे। पश्चिमी ताकतों के डर से रूस हमला नहीं करेगा और अगर करता है, तब भी उसका मुकाबला करने के लिए नाटो देश खड़े हो जाएंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। नतीजा ये हुआ कि यूक्रेन को जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। रूसी हमले से शहर के शहर उजड़ गए, उद्योग-धंधे व्यापार चौपट हो गए हैं और हर ओर बर्बादी का मंजर है।

युद्ध की तबाही से यूक्रेन अब कब तक उबर पाएगा, किस तरह फिर अपने पैरों पर खड़ा होगा, उसे फिर से जनजीवन सामान्य करने में कौन मदद करेगा और किन शर्तों पर मदद मिलेगी, इन सवालों के जवाब भविष्य के गर्भ में हैं। यूक्रेन में मौजूदा स्थिति गंभीर है। वहां बड़े पैमाने पर मानवीय संकट को रोकने के लिए अत्यधिक संयम बरतने की आवश्यकता है। उम्मीद है कि स्थिति सामान्य होगी और जल्द पहले की तरह शांति कायम होगी।