अयोध्या: ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की अब खैर नहीं, 13 चौराहे और 5 तिराहे हुए आईटीएमएस युक्त
अयोध्या। जुड़वा नगर जल्द ही आपको मेट्रो सिटी की तरह दिखने लगेगा। यहां के ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल करने के लिए बड़े-बड़े शहरों में मौजूद प्रणालियों का अध्ययन करने के बाद नायाब तरीका इजाद किया गया है। इस दिशा में शहर के चौराहों व तिराहों को इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमस) से युक्त बनाया जा …
अयोध्या। जुड़वा नगर जल्द ही आपको मेट्रो सिटी की तरह दिखने लगेगा। यहां के ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल करने के लिए बड़े-बड़े शहरों में मौजूद प्रणालियों का अध्ययन करने के बाद नायाब तरीका इजाद किया गया है। इस दिशा में शहर के चौराहों व तिराहों को इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमस) से युक्त बनाया जा रहा है।
शहर के 18 स्थानों पर सिस्टम के तहत काम शुरू हो गया है, जबकि चार जगहों पर काम अभी शेष है। मेट्रो सिटीज की तर्ज पर हो रहे कार्य की बदौलत ट्रैफिक सिस्टम ही कंट्रोल नहीं होगा, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी अयोध्या में 22 जगहों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा सकेगी।
पर्यटन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धमक बनाने वाली रामनगरी में पर्यटकों की संख्या में प्रतिदिन इजाफा होता जा रहा है। इसी के साथ ही अयोध्या को हाईटेक बनाने की कवायद भी जारी है। इस काम में नगर निगम भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
शहरवासियों को ट्रैफिक समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर निगम ने टेक्नोसेस सिक्योरिटी सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को शहर में 22 स्थानों को आईटीएमएस युक्त करने का जिम्मा सौंपा था, जिसमें से 18 स्थानों पर काम शुरू हो गया है, जबकि चार जगहों पर काम चल रहा है। 18 में से 13 चौराहों व 5 तिराहों को आईटीएमएस युक्त कर दिया गया है। इस पर निगरानी रखने के लिए अमानीगंज में कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से 24 घंटे नजर रखी जा रही है। टेक्नोसेस कंपनी अब तक मथुरा, फिरोजाबाद व लखनऊ में भी आईटीएमएस पर काम कर चुकी है।
क्या है आईटीएमएस का कार्य?
आईटीएमएस युक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट्स लग गई हैं। साथ ही इन चौराहों व तिराहों पर दो खास तरह के कैमरे लगाए गए हैं। रेडलाइट वायलेशन डिटेक्शन (आरएलवीडी) व ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिक्गनीशन (एएनपीआर) कैमरे लगे हैं। आरएलवीडी कैमरों का काम रेड लाइट जंप करने वालों को पकड़ना है तो एएनपीआर कैमरे नंबर प्लेट सीन करने का काम करेंगे। आईटीएमएस का लब्बोलुआब यही है कि ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान रेड लाइट क्रॉस करने, रांग साइड जाने पर, बाइक पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट व बिना सीट बेल्ट लगाए जा रहे लोगों की पहचान हो सकेगी।
यह 18 स्थान आईटीएमएस युक्त नया घाट सबसे बड़ा चौराहा
पुलिस लाइन चौराहा, रिकाबगंज चौराहा, हनुमान गुफा चौराहा, श्रीराम अस्पताल तिराहा, नया घाट चौराहा, साकेत पेट्रोल पंप चौराहा, सहादतगंज बाईपास, रायबरेली बाईपास, सुल्तानपुर बाईपास, देवकाली बाईपास, गुरु गोविंद सिंह चौराहा, उदया चौराहा, देवकाली तिराहा, गुदड़ी बाजार, सिविल लाइन तिराहा, पोस्ट आॅफिस चौराहा व नाका तिराहा पर योजना के तहत कार्य शुरू हो गया है। वहीं न्यू बस स्टैंड, श्रीराम एयरपोर्ट गेट, श्रीनगर घाट व फतेहगंज चौक का आईटीएमएस बनाने का काम अभी चल रहा है।
शहर के ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल में लाने के लिए अब तक 18 जगहों पर आईटीएमएस ने काम करना शुरू कर दिया है, जबकि चार पर काम चल रहा है। यह सिस्टम सुरक्षा के लिहाज से भी अयोध्या के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे। -सच्चिदानंद सिंह, अपर नगर आयुक्त, अयोध्या
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