अयोध्या: 10 साल बाद जिला अस्पताल को 56 लाख के बकाए की जारी की गई नोटिस

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अयोध्या। नगर निगम की ओर से जिला अस्पताल को भेजी गई एक नोटिस ने अस्पताल प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं। निगम की ओर से करीब दस साल बाद जिला अस्पताल को जलकर और गृहकर के 56 लाख रुपये के बकाए की नोटिस जारी की गई है। इसकी अदायगी न करने पर निगम की ओर …

अयोध्या। नगर निगम की ओर से जिला अस्पताल को भेजी गई एक नोटिस ने अस्पताल प्रशासन के पसीने छुड़ा दिए हैं। निगम की ओर से करीब दस साल बाद जिला अस्पताल को जलकर और गृहकर के 56 लाख रुपये के बकाए की नोटिस जारी की गई है। इसकी अदायगी न करने पर निगम की ओर से आगे की कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन ने अदायगी की तैयारी के बजाए दस साल बाद नोटिस भेजने पर लिखा-पढ़ी शुरू कर दी है। सीएमएस डॉ. सी राय ने बताया कि अदायगी तो की जायेगी लेकिन निगम से दस साल बाद नोटिस भेजने के बारे में पत्राचार किया जा रहा है।

नगर निगम की ओर से बकाएदारी को लेकर तेजी लाई जा रही है। इसी को लेकर निगम की ओर से जिला अस्पताल को जलकर और गृहकर की नोटिस दी गई है। निगम की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि जिला अस्पताल द्वारा विगत दस साल से गृहकर और जलकर की अदायगी नहीं की गई है।

दस साल बाद क्यों नोटिस भेजी जा रही है

निगम का दावा है कि प्रत्येक वित्तीय वर्ष के समापन पर वसूली नोटिस भेजी जाती रही है इसके बाद भी अदायगी नहीं की जाती है। इसे लेकर जिला अस्पताल प्रशासन ने जवाब में यह लिखा पढ़ी शुरू कर दी है कि दस साल बाद क्यों नोटिस भेजी जा रही है, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि दस साल के दौरान निगम की ओर से कभी बकाए की नोटिस नहीं आई। 56 लाख के बकाए में अस्पताल परिसर में बने चिकित्सकों के आवासों की भी बकाएदारी शामिल है।

हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन इसे लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को जब इस बारे में लेखा विभाग से जानकारी की गई तो बताया गया कि पहले निगम यह जवाब दे दस साल बाद क्यों नोटिस दी गई। सीएमएस डॉ सी राय ने बताया इस संबंध में निगम को पत्र लिखा जा रहा है। पहले वह जवाब दे फिर अस्पताल प्रशासन अदायगी का प्रयास करेगा। उन्होंने बताया कि संतोषजनक उत्तर मिलने के बाद शासन से अदायगी के लिए बजट मांगा जायेगा।

सभी बकायेदारों को नियमित नोटिस जारी

सूत्रों के अनुसार बकाएदारी की इस नोटिस को लेकर निगम और जिला अस्पताल प्रशासन में खींचतान चलने की पूरी संभावना है। सहायक नगर आयुक्त अंकिता शुक्ला का कहना है कि सभी बकायेदारों को नियमित नोटिस जारी की जाती है। यदि जिला अस्पताल का इस संबध में कोई पत्र मिलता है तो जवाब दिया जाएगा।

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