बाराबंकी: लोक अदालत ने रूठे पति-पत्नी को मिलाकर विदा किए 30 जोड़े, अर्थदंड भी वसूला
बाराबंकी। शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगाई गई राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले में एक दूसरे से रूठे 30 जोड़ों को मिलाकर उन्हें एक साथ विदा किया गया। एक लाख दो हजार 990 मामलों का निस्तारण किया गया। 16 करोड़ 10 लाख 11 हजार 521 रुपए का अर्थदंड और प्रतिकर वसूला गया। इसके …
बाराबंकी। शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लगाई गई राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले में एक दूसरे से रूठे 30 जोड़ों को मिलाकर उन्हें एक साथ विदा किया गया। एक लाख दो हजार 990 मामलों का निस्तारण किया गया। 16 करोड़ 10 लाख 11 हजार 521 रुपए का अर्थदंड और प्रतिकर वसूला गया।
इसके पूर्व जिला न्यायाधीश रविंद्र नाथ दुबे ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। सिविल कोर्ट बाराबंकी के विभिन्न न्यायालयों द्वारा 4615 मामलों का निस्तारण कर 6 करोड़ 3 लाख 96 हजार 701 रुपए की वसूली की गई। राजस्व विभाग बैंक व अन्य विभागों ने 98375 मामलों का निस्तारण कर 10 करोड़ 6 लाख 14 हजार 820 रुपए की धनराशि वसूल की गई।
इस अवसर पर पारिवारिक न्यायालय ने 49 मामलों का निस्तारण कर 30 जोड़ों को एक साथ विदा किया। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने 104 मुकदमे निस्तारित किए। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के कुल 74 वादों का निस्तारण कर 2 करोड़30 लाख 70,000 प्रतिकर के रूप में दिलाया गया। स्थाई लोक अदालत द्वारा 05 वादों का निस्तारण किया गया। न्यायिक दण्डाधिकारियों द्वारा कुल-4213 मामलों को निस्तारित कर 10 लाख 09,550 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया गया।
दीवानी न्यायालयों द्वारा 126 वादों का निस्तारण किया गया जिनमें 96 उत्तराधिकार वादों को निस्तारित कर 2 करोड़ 94 लाख 92461 के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी किया गया। विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार ने बताया कि कुल 35089 मामले निस्तारित किए गए। विभिन्न बैंकों ने 1275 एनपीए हाथों का निस्तारण कर 8 करोड़ 74 लाख 84 हजार 56 रूपये वसूल किये गये। आर्यावर्त बैंक द्वारा सर्वाधिक 838 मामलों का निस्तारण किया गया।
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