अयोध्या: अब कम्प्यूटर में होगा शहर वासियों की चल-अचल संपत्ति का पूरा रिकॉर्ड, नगर निगम ने शुरू की तैयारी
अयोध्या। अब कम्प्यूटर में शहरवासियों की चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा रहेगा। किसके पास कितनी जमीन, दुकान, भवन या भूखंड हैं, इसकी जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी। इसके लिए अर्बन प्रॉपर्टी ओनरशिप सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। इस कार्य के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्युमन सेटलमेंट नई दिल्ली की मदद ली गई है। शहरवासियों …
अयोध्या। अब कम्प्यूटर में शहरवासियों की चल और अचल संपत्तियों का ब्योरा रहेगा। किसके पास कितनी जमीन, दुकान, भवन या भूखंड हैं, इसकी जानकारी ऑनलाइन हो जाएगी। इसके लिए अर्बन प्रॉपर्टी ओनरशिप सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है। इस कार्य के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्युमन सेटलमेंट नई दिल्ली की मदद ली गई है। शहरवासियों का बड़ा फायदा यह होगा रजिस्ट्री और हाउस टैक्स में धांधली बंद हो जाएगी।
नगर निगम ने इसे लागू करने की तैयारी की है। लोग अपनी पैतृक संपत्तियों का 50-60 वर्षों से नामांतरण जल्दी नहीं कराते हैं। इसका अनुचित लाभ उठाकर कुछ लोग फर्जीवाड़ा करके उनकी संपत्तियां दूसरों को बेच देते हैं और संपत्ति मालिक के उत्तराधिकारियों या आश्रितों को इसकी भनक तक नहीं लग पाती। वहीं हाउस टैक्स जिसके नाम पर होता है, उसकी मौत के वर्षों बाद भी निगम में नाम चलता रहता है। हजारों विवाद नगर में ही लंबित हैं।
बिना ऑनलाइन तस्दीक के नहीं होगी रजिस्ट्री: रिकॉर्ड अपडेट होने से सभी उत्तराधिकारियों के अलग-अलग नाम चढ़ जाएंगे। जिसके दस्तावेज रजिस्ट्री दफ्तर में भी होंगे। आम तौर पर रजिस्ट्री विभाग को सिर्फ आय से मतलब होती है, इसलिए दस्तावेजों की पड़ताल में वक्त जाया नहीं करता मगर अब ऑनलाइन रिकॉर्ड से संबंधित प्रॉपर्टी की तस्दीक अनिवार्य होगी।
नगर आयुक्त विशाल सिंह के मुताबिक पिछले कुछ समय से अर्बन प्रॉपर्टी ओनरशिप रिकॉर्ड का सिस्टम विकसित करने पर काम चल रहा था। इसका सॉफ्टवेयर तैयार हो चुका है। जल्द ही इसे पर काम शुरू कर दिया जाएगा। इसे शीघ्र ही लागू किया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए वार्डो में कैम्प लगाए जायेगें।
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