हल्द्वानी: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में भड़के कर्मचारी, मनमानी का लगाया आरोप
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में दो सफाई कमचारियों ने निकालने और छह कर्मचारी को नियमित किए जाने के बाद अन्य कर्मचारियों में आक्रोश है। इसको लेकर कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में पूरी अनियमितता चल रही हैं, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त …
हल्द्वानी, अमृत विचार। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) में दो सफाई कमचारियों ने निकालने और छह कर्मचारी को नियमित किए जाने के बाद अन्य कर्मचारियों में आक्रोश है। इसको लेकर कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में पूरी अनियमितता चल रही हैं, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रजिस्ट्रार ने धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों के सामने मांगें पूरी न कर पाने को लेकर प्रशासन की मजबूरी बताईं लेकिन कर्मचारी अपनी बात पर अड़े रहे।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में हायर एंड फायर वाली पॉलिसी किसी भी हाल में नहीं चलने दी जाएगी। कर्मचारियों का आरोप है कि कुछ दिन पहले दो सफाई कर्मचारी सचिन कुमार और रीना देवी को नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके अलावा तीन कर्मचारियों को विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की मोहर लगने के बाद भी मनमाने तरीके से नियुक्ति दे दी गई है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी संगठन पिछले दो महीने से लगातार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर अपनी मांगें रखता आ रहा है। संगठन के नेतृत्व में 60 कर्मचारियों की ओर से भेजे गए ज्ञापन में कहा था कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वह कार्य बहिष्कार करेंगे। कर्मचारी अपनी दस सूत्रीय मांगों पर अड़े हुए हैं। उनकी मांगों में समान काम के बदले समान वेतन, विश्वविद्यालय में शुरुआत से ही काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने, सभी कर्मचारियों का बीमा करने समेत अन्य मांगें हैं। कर्मचारी नेता राजेश आर्या के अलावा, योगेश मिश्रा, पंकज बिष्ट, मोहन बवाड़ी, छाया देवी, जगत बंगारी, मोहन जोशी, राहुल नेगी आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
कर्मचारियों को गुमराह कर रहा विवि
कर्मचारी संघ अध्यक्ष राजेश आर्या ने कहा है विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रहा है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विश्वविद्यालय में अब तक दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, लेकिन ना तो उनके आश्रितों को नौकरी दी गई और ना ही उन्हें कोई मुआवजा दिया गया।
शिक्षक संघ अध्यक्ष भूपेन सिंह ने कहा कि विश्वविद्यालय में नियमों को तोड़कर कई फर्जी भर्तियां की गई हैं, जबकि ईमानदार शिक्षकों और कर्मचारियों का उत्पीड़न करने की कोशिश की जा रही है। शिक्षक संघ महासचिव राजेंद्र कैड़ा ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को तुरंत पूरा किया जाना चाहिए। इसके अलावा सभी कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता आंदोलन वापस नहीं होगा।
