खटीमा: अल्मोड़ा के टैक्सी स्वामी देवेंद्र बिष्ट की हत्या निकली हिट एंड रन, आरोपी गिरफ्तार

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खटीमा, अमृत विचार। सप्ताह भर पहले चकरपुर क्षेत्र में टनकपुर हाइवे में अल्मोड़ा के रेस्टोरेंट व टैक्सी स्वामी देवेंद्र बिष्ट हत्याकांड हिट एंड रन निकला। मंगलवार को एएसपी ममता बोरा ने खटीमा कोतवाली में मामले का खुलासा किया। पुलिस टीमों ने करीब सौ सीसीटीवी कैमरों की मदद से हिट करने वाली महेंद्रा क्वांटो गाड़ी को …

खटीमा, अमृत विचार। सप्ताह भर पहले चकरपुर क्षेत्र में टनकपुर हाइवे में अल्मोड़ा के रेस्टोरेंट व टैक्सी स्वामी देवेंद्र बिष्ट हत्याकांड हिट एंड रन निकला। मंगलवार को एएसपी ममता बोरा ने खटीमा कोतवाली में मामले का खुलासा किया। पुलिस टीमों ने करीब सौ सीसीटीवी कैमरों की मदद से हिट करने वाली महेंद्रा क्वांटो गाड़ी को बरामद कर उसके चालक को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि महाशिव रात्रि से टनकपुर हाइवे पर वनखंडी महादेव शिव मंदिर में मेला लगा हुआ था। इस बीच सात मार्च की सुबह शिव मंदिर से आगे सनिया नाले के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला था। साथ ही पास ही उसकी टैक्सी खड़ी थी। मृतक की शिनाख्त अल्मोड़ा के ग्राम कांचुला, पोस्ट धौलछीना निवासी देवेंद्र सिंह बिष्ट (34) के रूप में हुई। जेब में मिले आधार कार्ड के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई। पुलिस ने मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की थी।

मंगलवार को एएसपी ममता बोरा ने खटीमा कोतवाली में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जांच में सामने आया है कि यह हत्या के बजाय हिट एंड रन का केस है। बताया कि पांच मार्च को देवेंद्र अपनी इनोवा गाड़ी (यूके 01 टीए 1423) में अल्मोड़ा से तीन दिन की बुकिंग में बनबसा आया था। पांच मार्च की शाम करीब 7:15 बजे उसने खटीमा टोल पार किया। रात्रि विश्राम बनबसा में करने के बाद छह मार्च की सुबह कार में काम कराने के उद्देश्य से हल्द्वानी गया था।

छह मार्च की सुबह करीब 6:47 बजे पुनः खटीमा टोल पार किया और छह मार्च को ही वापसी पर रात 7:55 बजे खटीमा टोल पार किया गया लेकिन वह गंतव्य बनबसा नहीं पहुंचा। सात मार्च को देवेंद्र का शव एनएच 124 के किनारे पड़ा मिला। घटनास्थल की बारीकी से जांच में एक वाहन का दाहिना साइड रियर व्यू मिरर कंसोल गिरा पड़ा मिला।

जिसका घटना स्थल पर होना संदेह प्रकट कर रहा था। जांच में कंसोल महेंद्रा क्वांटो गाड़ी का होने का पता चला। जांच के बाद मामला प्रथम दृष्टया हत्या के बजाय हिट एंड रन पाया गया। इस मामले में धारा 302 को धारा 279, 304ए में तरमीम किया गया और आरोपी वाहन चालक पईयापौड़ी, थाना बलुवाकोट, तहसील धारचूला (पिथौरागढ़) निवासी मदन सिंह बोरा को गिरफ्तार कर कर वाहन को कब्जे में ले लिया गया। इस दौरान सीओ भूपेंद्र सिंह बोरा, कोतवाल नरेश चौहान, एसएसआई देवेंद्र गौरव, झनकईया थानाध्यक्ष दिनेश सिंह फर्त्याल, चकरपुर चौकी इंचार्ज संदीप पिलख्वाल समेत अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

चलती गाड़ी में शीशा साफ करना बन गया हादसे का कारण
अमृत विचार, खटीमा। आरोपी मदन सिंह बोरा की लापरवाही ने देवेंद्र सिंह बिष्ट की जान ले ली। कार के शीशे पर जमी धूल को साफ करने के लिए यदि आरोपी ने समझदारी दिखाते हुए अपनी कार रोक कर उसकी सफाई कर ली होती तो आज देवेंद्र भी जिंदा होता और आरोपी मदन सिंह को भी सलाखों के पीछे नहीं जाना पड़ता। चलती कार के दौरान शीशा साफ करने से उसका संतुलन बिगड़ गया और कार देवेंद्र को रौंदते हुए निकल गई।

देवेंद्र हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस टीमों ने हल्द्वानी से लेकर बनबसा तक करीब सौ सीसीटीवी कैमरों की जांच की। इसमें पाया गया कि छह मार्च को हल्द्वानी से चकरपुर तक देवेंद्र सिंह अकेले आया। उसने 8:28 बजे चकरपुर चौकी को पार किया। इसी दौरान संदिग्ध महेंद्रा क्वांटो गाड़ी के अत्यधिक गति से 8:32 बजे बनबसा की ओर आकर चकरपुर चौकी पार करना दिखाई दिया। जांच में कार के दाहिने साइड का रियर व्यू मिरर टूटा मिला। उक्त वाहन (डीएल 82 एसी 0251) ने खटीमा टोल 8:48 बजे रुद्रपुर की ओर पार किया, जिसमें फास्टैग लगा था।

बैंक खाते से जिला गाजियाबाद (यूपी) के भीम सिंह त्यागी का वाहन होना पाया गया। फोन नंबर से भी वह घटना स्थल पर तस्दीक हुआ। छह मार्च को वह पिथौरागढ़ की तरफ से आ रहा था। इस सुराग से परत खुलती गई और उसके पते डिडौली, मुरादनगर जिला गाजियाबाद जाकर पूछताछ की गई। पूछताछ में पता चला कि भीम सिंह सपरिवार बुलवाकोट पिथौरागढ़ ससुराल से अपने घर डिडौली जा रहा था। वाहन को उसका रिश्तेदार मदन सिंह बोरा निवासी पईयापौड़ी, थाना बलुवाकोट, तहसील धारचूला (पिथौरागढ़) चला रहा था। पूछताछ में पता चला कि चकरपुर जंगल में गाड़ी के शीशे पर धूल जमा हो गई थी, जिसके चलते मदन सिंह बोरा चलती गाड़ी से ही सिर बाहर निकालकर गाड़ी के शीशे पर बोतल से पानी डाल रहा था।

इस कारण वह गाड़ी से संतुलन खो बैठा। इधर, हल्द्वानी से बनबसा आ रहा देवेंद्र सिंह जंगल में वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर अभी उतरा ही था कि क्वांटो वाहन ने उसे टक्कर मार दी। मौके से भागते हुए आरोपी क्वांटो वाहन लेकर सीधे रामपुर अपनी रिश्तेदारी गया और वहां वाहन को रिपेयर कराया। गैरेज में वाहन स्वामी भीम सिंह द्वारा वाहन की रिपेयर की पुष्टि हुई।

एसएसपी ने पुलिस टीम को 25 हजार इनाम की घोषणा की
देवेंद्र सिंह बिष्ट की मौत का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को एसएसपी बरिंदरजीत सिंह ने 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में कोतवाल नरेश चौहान, झनकईया थानाध्यक्ष दिनेश सिंह फर्त्याल, एसएसआई देवेंद्र गौरव, रुद्रपुर एसओजी प्रभारी कमलेश भट्ट, एसआई ललित मोहन रावल, एसआई धीरज वर्मा, चकरपुर चौकी इंचार्ज संदीप पिलख्वाल, एसआई पंकज महर, एसआई कैलाश सिंह देव, बाजार चौकी इंचार्ज एसआई होशियार सिंह, कोतवाली खटीमा के कांस्टेबल नासिर हुसैन, शांता लाल, हरीश जोशी, नवीन रजवार, चंदर सिंह, मो. मोहसिन, खीम गिरी, हरेंद्र थापा, शहनवाज, प्रेम प्रकाश, एसओजी रुद्रपुर के कांस्टेबल पंकज बिनवाल, भूपेंद्र आर्य, प्रभात चौधरी, गणेश पांडे, ललित कुमार, प्रमोद कुमार के अलावा चकरपुर के स्थानीय व्यक्ति मनोज शामिल रहे।

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