आगरा: आई लव स्पैरो बोलकर बनाएं घर पर घोंसले, विश्व गौरैया दिवस पर लांच हुई 2022 की थीम

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आगरा। कई साल पहले घरों की मुंडेर और कोटरों में गौरैया की चहकने की आवाज सुनाई पड़ती थी, लेकिन आज घरों में उसके रहने की जगह नहीं बची है। गौरैया को बचाने के लिए इको रूट्स फाउंडेशन लगातार प्रयास कर रहा है और लोगों को जागरूक करा रहा है। इस बार सरकार के साथ मिलकर …

आगरा। कई साल पहले घरों की मुंडेर और कोटरों में गौरैया की चहकने की आवाज सुनाई पड़ती थी, लेकिन आज घरों में उसके रहने की जगह नहीं बची है। गौरैया को बचाने के लिए इको रूट्स फाउंडेशन लगातार प्रयास कर रहा है और लोगों को जागरूक करा रहा है। इस बार सरकार के साथ मिलकर आगरा में आई लव स्पैरो थीम लांच कर गौरैया के लिए घर और खाना-पानी की व्यवस्था के लिए अभियान शुरू किया गया है। बता दें कि अब तक 2.5 लाख से ज्यादा घोंसले बनाए जा चुके हैं।

ईको रूट्स फाउंडेशन के संस्थापक नेस्ट मैन ऑफ इंडिया राकेश खत्री के साथ मिलकर आगरा के विपिन कपूर प्रदेश में गौरैया बचाओ अभियान शुरू किया। लखनऊ का चिड़िया बाजार हो या कानपुर का, हर जगह उन्होंने सरकार के साथ मिलकर चिड़ियों को आजाद कराया है। एक साल में संस्था की कोशिश से आगरा और आस-पास के इलाकों में गौरैया की संख्या में 25 हजार से ज्यादा का बढ़ोतरी हुई है।

विपिन ने बताया कि, गौरैया पर्यावरण का संतुलन बनाने में काफी मददगार होती है। आमतौर पर यह इंसानों के आस पास रहना पसंद करती है। गौरैया के शिकार होने का डर ज्यादा रहता है। वर्तमान में नए घरों में गौरैया के रहने का कोई स्थान नहीं होता है और बंद घरों में उसके भोजन का इंतजाम भी नहीं होता है।

घर का माहौल प्राकृतिक बनाते हैं

विपिन कपूर ने बताया कि सुतली के साथ थोड़ी से मेहनत कर खूबसूरत घोंसला बनाया जा सकता है। हम खुद भी लोगों को बनाकर घोंसला देते हैं। घर मे इन्हें टांगने पर यह खूबसूरती बढ़ाते हैं और घर का माहौल प्राकृतिक बनाते हैं। सरकार के साथ मिलकर इस बार अभियान की थीम आई लव स्पैरो बनाई गई है और लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।

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