लखीमपुर-खीरी: हिंदी की तैयारी करके दिया कृषि का एग्जाम
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। मंगलवार से शुरू हुई परिषदीय परीक्षाएं ऊहापोह के बीच कराई गईं। बच्चे हिंदी पेपर की तैयारी करके विद्यालय पहुंचे थे लेकिन उन्हें कृषि का प्रश्नपत्र थमा दिया गया, जिसके बाद बच्चों ने बिना किसी तैयारी के ही परीक्षा दी। बताते हैं कि सोमवार की देर शाम अचानक स्कीम में बदलाव कर दिया …
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। मंगलवार से शुरू हुई परिषदीय परीक्षाएं ऊहापोह के बीच कराई गईं। बच्चे हिंदी पेपर की तैयारी करके विद्यालय पहुंचे थे लेकिन उन्हें कृषि का प्रश्नपत्र थमा दिया गया, जिसके बाद बच्चों ने बिना किसी तैयारी के ही परीक्षा दी। बताते हैं कि सोमवार की देर शाम अचानक स्कीम में बदलाव कर दिया गया जिसके बाद बीएसए को आनन-फानन एक लेटर जारी करते हुए शासन की स्कीम के अनुसार पेपर कराने के निर्देश जारी किए गए।
शासन से मिले आदेश के क्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराने के लिए स्कीम जारी कर दी थी लेकिन अचानक से सचिव प्रताप सिंह बघेल ने एक बार पुनः शासनादेश जारी करते हुए एक नई स्कीम जारी कर दी। परीक्षाएं 26 मार्च तक चलेंगी। साथ ही निर्देश जारी किए कि इसी स्कीम के अनुसार परिषदीय परीक्षा सम्पन्न कराई जाए।
17 मार्च को दोबारा आये आदेश के प्रति लापरवाही रवैया अख्तियार किया गया। इस लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ा। अब सवाल यह उठता है कि जब 17 मार्च को शासन का आदेश कार्यालय को प्राप्त हो था तो आखिर उसे क्यों आगे नहीं भेजा गया। कर्मचारी होली की छुट्टी का बहना बनाकर अपने काम से पल्ला झाड़ रहे हैं।
मंगलवार को पहली पाली की परीक्षा में जो गड़बड़ी सामने आई वह थी कक्षा छह की। शासन द्वारा जारी स्कीम में मंगलवार को पहली पाली में कृषि का पेपर होना था वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की स्कीम में हिंदी के पेपर का शेड्यूल था। बच्चे भी हिंदी विषय की तैयारी करके घर से निकले थे लेकिन जब उन्हें कृषि विषय का पेपर मिला तो वह दंग रह गए।
बच्चों ने किसी तरह पेपर तो दिया लेकिन बिना किसी तैयारी के। अमृत विचार ने जब इसकी पड़ताल की तो पता चला कि 21 मार्च की शाम और कुछ जगहों पर मंगलवार की सुबह नई स्कीम से पेपर सम्पन्न कराने का आदेश प्राप्त हुआ। महराजनगर के उच्च प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका मनोरमा वर्मा ने बताया कि विद्यालय में परीक्षा शुरू होने को थी। हिंदी प्रश्न पत्र का पेपर भी बंटने जा रहा था कि आदेश की प्रति प्राप्त होते ही हिंदी प्रश्नपत्र की जगह पर कृषि का पेपर बंटा गया।
घर से आये थे हिंदी के एग्जाम की तैयारी करके
कक्षा छह के छात्र रोहित व छात्रा प्रिया सिंह ने बताया कि वह हिंदी पेपर की तैयारी करके घर से आये थे। लेकिन जब कृषि विषय का प्रश्नपत्र मिला तो कुछ समझ नहीं आया। मैम ने बताया कि पहले जो भी पढ़ा हो उसी हिसाब से अपना अपना पेपर हल करो। जितना याद था उतना ही लिखा है।
जब तक शासन से कोई स्कीम नहीं जारी हुई थी तब तक के लिए हमारी स्कीम प्रभावी थी लेकिन स्कीम मिलते ही संसोधन पत्र जारी करते हुए शासन की स्कीम प्रभावी कर दी गई है।
—लक्ष्मीकांत पांडेय,बीएसए
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