बाराबंकी: डॉक्टर की गैर मौजूदगी में आशा बहू ने किया एबॉर्शन, महिला की हुई मौत,अस्पताल सील
बाराबंकी। देवा थाना क्षेत्र में मामा नहर पुल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा इस्माइलपुर तक लगभग 15 से 20 प्राइवेट अस्पताल चल रहे हैं। जिसमें कुछ अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन है और कुछ का रजिस्ट्रेशन नहीं है। कुछ अस्पतालों के बोर्ड पर तो ट्रामा सेंटर भी लिखा है और ट्रामा सेंटर की सुविधाएं तक उपलब्ध …
बाराबंकी। देवा थाना क्षेत्र में मामा नहर पुल से लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवा इस्माइलपुर तक लगभग 15 से 20 प्राइवेट अस्पताल चल रहे हैं। जिसमें कुछ अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन है और कुछ का रजिस्ट्रेशन नहीं है। कुछ अस्पतालों के बोर्ड पर तो ट्रामा सेंटर भी लिखा है और ट्रामा सेंटर की सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं है।
इसी संदर्भ में बुधवार को देवा क्षेत्र के छपरा स्कूल चौराहा स्थित एक निजी अस्पताल में एक महिला की गर्भपात कराने के दौरान मौत का केस जब सामने आया तो जिला स्वास्थ्य विभाग के हाथ-पैर फूल गए। छपरा स्कूल चौराहा स्थित एकता पाली क्लीनिक जो डॉ. संगमदत्त मिश्रा के नाम से रजिस्टर्ड है, लेकिन डॉ. संगमदत्त मिश्रा कभी भी इस क्लीनिक पर नहीं बैठते हैं इसकी देखरेख और संचालन का कार्य भानु प्रताप सिंह व उनकी पत्नी नीतू यादव करती हैं, जो देवा सीएचसी पर आशा बहू के रूप में तैनात हैं। साथ ही भारतीय किसान यूनियन प्रदेश महासचिव महिला के पद पर मनोनीत है। नीतू यादव की शह पर एकता पाली क्लीनिक का फल फूल रहा है कारोबार
मृतका की मां रेशमा के अनुसार रंजीत यादव अपनी पत्नी सोनी यादव को लेकर बुधवार दोपहर 12:00 बजे एकता पाली क्लीनिक छपरा स्कूल पर पहुंचे जहां पर भानु प्रताप सिंह व उनकी सहयोगी पत्नी नीतू यादव क्लीनिक पर मौजूद थी। रंजीत यादव ने अपनी आपबीती बताई कि उसकी पत्नी के गर्भ में ढाई मां माह का बच्चा है जिसकी सफाई(गर्भपात) करवानी है। तो भानु प्रताप सिंह व उनकी पत्नी नीतू सिंह भ्रूण की सफाई(गर्भपात)के लिए राजी हुई और ₹25000 मांगे।
घरवालों का कहना है कि 25 हजार हमने दिए। फिर उन्होंने ढाई माह की गर्भवती सोनी यादव के गर्भ में पल रहे भ्रूण की सफाई(गर्भपात)अप्रशिक्षित नर्स से करवाई जिससे सोनी यादव की ब्लीडिंग होती रही। और तबीयत खराब होती चली गई एकता पाली क्लीनिक के डॉक्टरों ने बिल्डिंग पर काबू नहीं पाया जिससे रंजीत यादव की पत्नी सोनी यादव की बुधवार देर शाम लगभग 8:00 बजे अस्पताल में ही मौत हो गई।
उसके बाद उसके बाद जब घर वालों और परिवार वालों ने हंगामा काटा और पुलिस को सूचना दी तो पुलिस ने लाश का पंचायत नामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेजा मुख्य चिकित्सा अधिकारी बाराबंकी के आदेशानुसार देवा सीएचसी अधीक्षक राधेश्याम गौड़ ने एकता पाली क्लीनिक को देर रात 11.30 बजे सील किया।
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