मुरादाबाद : दुनिया का सबसे बड़ा हस्तशिल्प मेला 30 से होगा शुरू, 90 से अधिक देशों से पहुंचेंगे खरीदार
मुरादाबाद, अमृत विचार। दुनियां के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेला का आयोजन 30 मार्च से शुरू होगा। तीन अप्रैल तक चलने वाले 53वें आईएचजीएफ मेले में 90 से अधिक देशों के विदेशी खरीददार अपना पंजीयन करा चुके हैं। कोविड नियमों के बीच इंडिया एक्सपो सेंटर ग्रेटर नोयडा में होने वाले ट्रेड शो मे देशभर के 25 …
मुरादाबाद, अमृत विचार। दुनियां के सबसे बड़े हस्तशिल्प मेला का आयोजन 30 मार्च से शुरू होगा। तीन अप्रैल तक चलने वाले 53वें आईएचजीएफ मेले में 90 से अधिक देशों के विदेशी खरीददार अपना पंजीयन करा चुके हैं। कोविड नियमों के बीच इंडिया एक्सपो सेंटर ग्रेटर नोयडा में होने वाले ट्रेड शो मे देशभर के 25 सौ से अधिक हस्तशिल्प निर्यातकों के स्टाल खरीददारों को आकर्षित करेंगे।
कोरोना महामारी के बीच भी हस्तशिल्प सेक्टर ने मैन्यूफैक्चरिंग और निर्यात जारी रखा था। लगातार चलने वाले वर्चुअल ट्रेड शो के कारण खरीददार इससे जुड़े रहे। महामारी के बाद पिछले वर्ष 52वें आईएचजीएफ दिल्ली मेला का आयोजन किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार 52वें आईएचजीएफ में हस्तशिल्प निर्यात से 29626.96 करोड़ रुपए मिले थे। 30 मार्च से ग्रेटर नोयडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर में शुरू होने वाले ट्रेड शो के संबंध में हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) के चेयरमैन राज कुमार मल्होत्रा ने बताया कि पांच दिवसीय मेले में देश भर से 2500 से ज्यादा हस्तशिल्प निर्यातकों द्वारा घरेलू उपयोग, लाइफ स्टाइल, फैशन, वस्त्र और फर्नीचर उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
इस मेले में 2000 से अधिक नए उत्पादों और 300 से अधिक डिज़ाइन एक्सप्रेशन्स का संकलन होगा। उन्होंने बताया कि मेले में आने के लिए 90 से अधिक देशों के विदेशी खरीदारों ने पहले से पंजीकरण कराया है। जिसमें युनाइटेड किंगडम, अमेरिका, कनाडा, जर्मनी, फ्रांस, रीयूनियन, स्पेन, स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, ग्रीस, इटली, स्वीडन, माल्टा, डेनमार्क, टर्की और आयरलैंड आदि देशों के खरीददार शामिल हैं।
ईपीसीएच के महानिदेशक डा.राकेश कुमार ने बताया कि भारतीय हस्तशिल्प का समावेश लिए एक ऐसा बाजार जहां निर्यातकों के लिए बेहतरीन व्यवसाय प्राप्त करने की अपार संभावनाएं हैं। इस आयोजन से पूरे भारत में कारीगरों को आजीविका के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।
