अयोध्या: शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण न मिलने से खफा हैं संत, कहा- चुन-चुनकर सपाइयों को बुलाया

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अयोध्या। प्रदेश की राजधानी में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान देश भर में जगह-जगह आमंत्रण भेजे गए थे। अयोध्या से भी कुछ संतों ने समारोह में शिरकत की, लेकिन कुछ को आमंत्रण न मिलने से खफा दिखे। मणिराम दास छावनी के महंत कमल नयन दास, भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती सहित कई …

अयोध्या। प्रदेश की राजधानी में शपथ ग्रहण समारोह के दौरान देश भर में जगह-जगह आमंत्रण भेजे गए थे। अयोध्या से भी कुछ संतों ने समारोह में शिरकत की, लेकिन कुछ को आमंत्रण न मिलने से खफा दिखे। मणिराम दास छावनी के महंत कमल नयन दास, भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती सहित कई बड़े संतों में इसे लेकर खासी नाराजगी देखी जा रही है। साथ ही आरोप भी लगाया जा रहा है कि समारोह में सिर्फ सपाइयों को बुलाया गया है।

महंत कमल नयन दास ने कहा कि हमारा जो कार्य था हमने किया। सभी लोगों का निमंत्रण आया था, लेकिन हमारा नहीं आया इसलिए हम नहीं गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जितने लोग भी समारोह में शामिल होने गए हैं उनमें से अधिकतर लोग सपा मुखिया अखिलेश यादव से भी पैसा ले चुके हैं। फोटो भी दिखा सकते हैं, लेकिन हम लोग दो प्रकार की बातें करने वालों में से नहीं हैं।

भाजपा के पूर्व सांसद डॉ. रामविलास दास वेदांती ने कहा कि 2017 में भी योगी आदित्यनाथ में जब शपथ ग्रहण किया था तो उसमें भी नहीं बुलाया गया था और आज जब एक बार फिर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शपथ लेने जा रहे हैं तो उसमें अयोध्या के कई संत यहां से जा रहे थे तो हमसे पूछा गया कि क्या आप चल रहे हैं तो मैंने बता दिया कि मुझे कोई निमंत्रण नहीं प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि मुझे बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि जो राम जन्मभूमि आंदोलन में नहीं थे ऐसे लोगों को आमंत्रित दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि जैसे देश के चुनाव में चुन-चुन कर सपा, बसपा, कांग्रेस के लोगों को टिकट दिया गया उसी तरह योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल के शपथ ग्रहण में भी चुने हुए लोगों को ही बुलाया गया है।

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