बरेली: रोडवेज के चालकों-परिचालकों से जमकर चल रहा वसूली का खेल
बरेली, अमृत विचार। रोडवेज के चालक और परिचालकों से जमकर वसूली की जा रही है। डिपो में तीन सौ किलोमीटर की अधिक दूरी पर भी एक ड्राइवर भेजा जा रहा है। जैसा रूट वैसा दाम परिचालकों व चालकों से वसूल किया जा रहा है। यही नहीं माइलेज आदि के नाम पर भी चालक-परिचालकों से खुलेआम …
बरेली, अमृत विचार। रोडवेज के चालक और परिचालकों से जमकर वसूली की जा रही है। डिपो में तीन सौ किलोमीटर की अधिक दूरी पर भी एक ड्राइवर भेजा जा रहा है। जैसा रूट वैसा दाम परिचालकों व चालकों से वसूल किया जा रहा है। यही नहीं माइलेज आदि के नाम पर भी चालक-परिचालकों से खुलेआम वसूली हो रही है।
रुहेलखंड डिपो के परिचालकों के मुताबिक जिन मुख्य रूटों पर अधिक सवारियां मिलती हैं। वहां एआरएम के आदेश पर उनके मातहत संविदा चालक-परिचालक से धन वसूली करते हैं। महीने का 1500 से 2000 रुपये तक लिया जाता है। डिपो में 300 किमी से अधिक दूरी पर एक चालक से बसों का संचालन कराया जा रहा है।
रुहेलखंड डिपो में केवल 59 नियमित परिचालक है। जबकि 233 संविदा परिचालक तैनात हैं। नियमित चालकों के मुताबिक वे लोग रुपये नहीं देते लिहाजा उन्हे खटारा बसें दी गई हैं। यही नहीं एसी गाड़ी पर चलने की अनुमति के नाम पर भी वसूली होती है। कर्मचारी संयुक्त परिषद रोडवेज के क्षेत्रीय मंत्री रविंद्र सिंह चालक-परिचालकों से वसूली की शिकायतें संगठन के पास आई हैं।
इन पर रोकथाम नहीं हुई तो अंदोलन करेंगे। उधर क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी का कहना है कि रुहेलखंड डिपो में इस बाबत उन्हे कोई जानकारी नहीं। तीन सौ किलो मीटर से ज्यादा दूरी पर किसी चालक को भेज रहे हैं तो एआरएम को जवाब तलब किया जाएगा।
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