देश की राजधानी दिल्ली की आबोहवा शुद्ध करेंगे उत्तराखंड के पौधे
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रदेश की हरियाली अब देश की राजधानी की प्रदूषित होती आबोहवा को शुद्ध करेगी। वन अनुसंधान संस्थान ने 40 प्रजातियों के करीब एक हजार पौधे दिल्ली भेजे हैं। वन अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, अंबेडकर विश्वविद्यालय नई दिल्ली का दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ अर्बन ईको सिस्टम सस्टेनेबल डेवलपमेंट के तहत धीरपुर …
हल्द्वानी,अमृत विचार। प्रदेश की हरियाली अब देश की राजधानी की प्रदूषित होती आबोहवा को शुद्ध करेगी। वन अनुसंधान संस्थान ने 40 प्रजातियों के करीब एक हजार पौधे दिल्ली भेजे हैं।
वन अनुसंधान संस्थान के अधिकारियों के अनुसार, अंबेडकर विश्वविद्यालय नई दिल्ली का दिल्ली विकास प्राधिकरण के साथ अर्बन ईको सिस्टम सस्टेनेबल डेवलपमेंट के तहत धीरपुर में जलाशय, तालाब के सुधारीकरण के लिए एक प्रोजेक्ट चल रहा है। प्रोजेक्ट को सफल बनाने के लिए पौधों की जरूरत है। इधर, इस प्रोजेक्ट की रिसर्च स्कॉलर दिव्या और शिवानी पौधे लेने वन अनुसंधान केंद्र पहुंचीं। उन्होंने चौड़ी पत्तियों, फाइकस प्रजाति और पक्षियों के बसेरा व भोजन मुहैया कराने वाले पौधे लेकर गई हैं। इससे पूर्व दिल्ली विश्वविद्यालय के बायो डायवर्सिटी पार्क में भी वन अनुसंधान से पौधे भेजे गए थे।
ये पौधे भेजे गए हैं: हरड़, बेहड़ा, आंवला, कदंब, सिंदूरी, बेल, बनियाला, रोहिणी, बरगद, पीपल, पाखड़, जामुन, चमरोड़, बांस, चंदन आदि विभिन्न प्रजाति के पौधे भेजे गए हैं।
अंबेडकर विश्वविद्यालय और दिल्ली विकास प्राधिकरण के एक प्रोजेक्ट के तहत 40 से अधिक प्रजातियों के एक हजार पौधे भेजे हैं। इन पौधों को दिल्ली रवाना कर दिया गया है। – मदन सिंह बिष्ट, रेंजर वन अनुसंधान संस्थान, हल्द्वानी
