बरेली: अब रेबीज के लिए मरीज नहीं होंगे परेशान
बरेली, अमृत विचार। लोग आवारा कुत्तों और बंदरों से बेहद परेशान हैं। जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग कुत्ता या बंदर के काटने पर रेबीज का टीका लगाने पहुंच रहे हैं। शहर में सरकारी रैबीज केंद्र एक ही होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। मगर अब रैबीज का टीका लगवाने वालों …
बरेली, अमृत विचार। लोग आवारा कुत्तों और बंदरों से बेहद परेशान हैं। जिला अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में लोग कुत्ता या बंदर के काटने पर रेबीज का टीका लगाने पहुंच रहे हैं। शहर में सरकारी रैबीज केंद्र एक ही होने से लोगों को दिक्कत हो रही है। मगर अब रैबीज का टीका लगवाने वालों को काफी हद तक निजात मिलने वाली है। जिला अस्पताल में रैबीज क्लीनिक की स्थापना की जाएगी।
आईडीएसपी के सहयोग से स्थापित होगा केंद्र
विभागीय अधिकारियों के अनुसार इंटीग्रेटेड डिसिज सर्विलांस प्रोग्राम (आईडीएसपी) की ओर से प्रबंधन को सूचना दी गई है कि जिला अस्पताल में रैबीज क्लीनिक की स्थापना होनी है। इसके लिए परिसर में भूमि तलाशी जा रही। 15 अप्रैल तक भूमि तलाश कर शासन को इस बाबत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
दूर होगी परेशानी
दरअसल, अभी केवल जिला अस्पताल में रैबीज का टीका लगाया जाता है। जहां सुबह 8 से 11 बजे तक ही टीका लगाता है। 11 बजे के बाद पहुंचने वाले मरीजों को बगैर रैबीज लगवाए निराशा होकर लौटना पड़ता। क्लीनिक की स्थापना होने के बाद टीकाकरण कर समय भी बढ़ाया जाएगा। स्टाफ को प्रशिक्षण देने के लिए अप्रैल में ट्रेनरों की टीम भी भेजी जाएगी।
वर्जन-
आईडीएसपी की ओर से रैबीज क्लीनिक बनाने की सूचना दी गई है। परिसर में ही क्लीनिक स्थापित करने की जमीन तलाशने के लिए कहा गया है। क्लीनिक की स्थापना होने से काफी हद तक मरीजों को सहूलियत मिलेगी।
—डॉ. सुबोध शर्मा, अपर निदेशक एवं प्रमुख अधीक्षक, जिला अस्पताल
