विषम परिस्थितियां कभी-कभी आती हैं सामने : शिवपाल यादव
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही है। शिवपाल अब अपनी नाराजगी खुले तौर बोल रहे है। उन्होंने लखनऊ से इटावा पहुंचकर कहा कि विषम परिस्थितियां कभी-कभी सामने आती हैं। आमजन ही नहीं, भगवान पर भी विषम परिस्थितियां आईं। कई संकट आए लेकिन अंत में …
लखनऊ। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रसपा प्रमुख शिवपाल सिंह यादव के बीच दूरियां बढ़ती दिख रही है। शिवपाल अब अपनी नाराजगी खुले तौर बोल रहे है। उन्होंने लखनऊ से इटावा पहुंचकर कहा कि विषम परिस्थितियां कभी-कभी सामने आती हैं। आमजन ही नहीं, भगवान पर भी विषम परिस्थितियां आईं। कई संकट आए लेकिन अंत में जीत सत्य की ही होती है।
इटावा में शिवपाल सिंह यादव भागवत कथा में शामिल हुए। वहां पर उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए रामायण और महाभारत के चरित्रों का उदाहरण देते हुए कहा कि राम का राजतिलक होने वाला था, लेकिन उनको वनवास जाना पड़ा। इतना ही नहीं हनुमान की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण थी क्योंकि यदि वह नहीं होते, तो राम युद्ध नहीं जीत पाते। ये भी याद रखने वाली बात है कि हनुमान ही थे, जिन्होंने लक्ष्मण की जान बचाई।
शकुनि ने ही कराई थी महाभारत
शिवपाल ने महाभारत के चरित्रों का भी जिक्र करते हुए कहा कि धर्मराज युधिष्ठिर को शकुनि से जुआ नहीं खेलना चाहिए था। यदि जुआ खेलना ही था तो दुर्योधन के साथ खेलते लेकिन जुआ शकुनि के साथ खेल लिया। अब ये भी सच है कि वह शकुनि ही थे, जिन्होंने महाभारत करा दी थी। इसी धार्मिक समारोह में शिवपाल सिंह यादव के साथ उनके समधी सिरसागंज के पूर्व विधायक हरिओम यादव भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हम तो चाहते थे कि हरिओम यादव विधायक बन जाएं, लेकिन वह हार गये।
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