अयोध्या: स्वास्थ्य महकमे में बह रही उल्टी गंगा, केन्द्रों पर नहीं मिल रहीं दवाएं
अयोध्या। स्वास्थ्य महकमे में उल्टी गंगा बह रही है। चिकित्सकों ने पढ़ाई की आयुर्वेद व होम्योपैथ की और अब अंग्रेजी दवाएं लिख रहे हैं। गलती इसमें चिकित्सकों की नहीं है। महकमें ने उन्हें बीयूएमएस तैनाती तो आयुष चिकित्सक के पद पर दी है लेकिन दवा आयुष की उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। पिछले दो …
अयोध्या। स्वास्थ्य महकमे में उल्टी गंगा बह रही है। चिकित्सकों ने पढ़ाई की आयुर्वेद व होम्योपैथ की और अब अंग्रेजी दवाएं लिख रहे हैं। गलती इसमें चिकित्सकों की नहीं है। महकमें ने उन्हें बीयूएमएस तैनाती तो आयुष चिकित्सक के पद पर दी है लेकिन दवा आयुष की उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। पिछले दो साल से आयुर्वेदिक, यूनानी व होम्योपैथ के चिकित्सक अंग्रेजी दवाएं ही ओपीडी में बैठकर लिख रहे हैं। वजह यह है कि बार बार डिमांड और इंडेट भेजे जाने के बाद भी आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं नहीं उपलब्ध हो रहीं हैं।
यहां जिले में आयुष के तहत एनएचएम से 26 चिकित्सकों की तैनाती विभिन्न स्वास्थ्य केन्द्रों पर की गई है। जिसमें आठ बीयूएमएस यूनानी के, एक दर्जन बीएएमएस आयुर्वेद के और आधा दर्जन बीएचएमएस होम्योपैथ के चिकित्सक तैनात हैं। ये सभी चिकित्सक ओपीडी भी कर रहे हैं।
पिछले दो सालों से स्वास्थ्य केन्द्रों पर 16 लाख रुपए हर वर्ष आयुष दवाओं के लिए जिला स्तर पर बजट मिलता है। बजट के बाद भी दवाओं का उपलब्ध न होना आयुष चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने में रोड़ा बना हुआ है। जबकि स्पष्ट शासनादेश है कि बीयूएमएस, बीएचएमएस व बीएएमएस चिकित्सक ऐलोपैथी की दवाएं नहीं लिख सकते हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष में आयुष के लिए दवाएं नहीं खरीदी गई थीं। इस वर्ष इंडेट भेजा गया है। दवाएं आते ही सीएचसी पर भेजा जाएगा। इस वित्तीय वर्ष में अभी सिर्फ इंडेंट ही भेजा गया है लेकिन आपूर्ति नहीं की गई है। —डॉ. अजय राजा, सीएमओ
