मुरादाबाद : शिक्षक ने जारी किया अनुभव प्रमाणपत्र, 10 बिंदुओं पर जांच करेगी कमेटी

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मुरादाबाद, अमृत विचार। हिन्दू कॉलेज में भूगोल विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा प्रबंध तंत्र के क्षेत्राधिकार में घुसकर लेटरपैड के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। फिलहाल आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा जारी एक अनुभव प्रमाण पत्र सामने आया है, जो एक बर्खास्त शिक्षिका का नाम जारी है। उस शिक्षिका ने भी इस अनुभव प्रमाण …

मुरादाबाद, अमृत विचार। हिन्दू कॉलेज में भूगोल विभाग के एक एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा प्रबंध तंत्र के क्षेत्राधिकार में घुसकर लेटरपैड के इस्तेमाल का मामला सामने आया है। फिलहाल आरोपी एसोसिएट प्रोफेसर द्वारा जारी एक अनुभव प्रमाण पत्र सामने आया है, जो एक बर्खास्त शिक्षिका का नाम जारी है। उस शिक्षिका ने भी इस अनुभव प्रमाण पत्र का इस्तेमाल एक कॉलेज में प्रधानाचार्य पद के आवदेन में किया है। मामला संज्ञान में आते ही कॉलेज प्रबंधन ने तत्काल प्रभाव से एसोसिएट प्रोफेसर को निलंबित करते हुए पूरे मामले की जांच के लिए विधि समिति का गठन कर दिया है।

कॉलेज के प्रधानाचार्य सत्यव्रत सिंह ने बताया कि यह करतूत कॉलेज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. श्याम सिंह की है। उनके हस्ताक्षर से जारी अब तक दो अनुभव प्रमाण पत्र सामने आए हैं। लेकिन आशंका है कि उन्होंने और भी अनुभव प्रमाण पत्र जारी किए होंगे। सबसे बड़ी आशंका यह है कि कॉलेज के लेटर हेड का इस्तेमाल किसी अन्य अवैधानिक गतिविधि में भी किया गया हो सकता है। ऐसे हालात में कॉलेज के प्रबंध तंत्र ने तत्काल प्रभाव से बैठक बुलाकर सर्व सम्मति से एसिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्याम सिंह को निलंबित करते हुए नोटिस जारी कर दिया है। वहीं इससे जुड़ी अन्य शंका और आशंकाओं की जांच के लिए विधि समिति का गठन कर दिया गया है। इस समिति में वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र वर्मा और चमन सिंह शामिल हैं। इनकी रिपोर्ट को देखने के बाद यदि जरूरी हुआ तो डॉ. श्याम सिंह को बर्खास्त भी किया जा सकता है।

10 बिंदुओं पर जांच करेगी कमेटी
विधि समिति से मिली जानकारी के मुताबिक मामले की जांच का दायरा काफी बड़ा है। हालांकि जांच की शुरूआत मुख्यरूप से 10 बिंदुओं से की जाएगी। इसके बाद इसके संबंध में जितने भी साक्ष्य और तथ्य सामने आते जाएंगे, दायरे को बढ़ा दिया जाएगा। समिति के मुताबिक जांच में सबसे पहले पता किया जाएगा कि कॉलेज के लेटरहेड का इस्तेमाल कब कब और कहां कहां किया गया है। दूसरे बिंदु में देखा जाएगा कि डॉ. श्याम सिंह ने किन किन लोगों को अनुभव प्रमाण पत्र दिए हैं। इसके पीछे उनकी मंशा क्या है। उनके पास कॉलेज का लेटरहेड और मुहर कैसे आया। क्या इस मामले में कॉलेज के किसी अन्य कर्मचारी या प्राधिकारी का हाथ तो नहीं।

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