नौसेना में शामिल किया गया ‘एयर स्क्वाड्रन 316’ 

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पणजी। नौसेना के दूसरे पी-8आई विमान स्क्वाड्रन ‘एयर स्क्वाड्रन 316’ को मंगलवार को दक्षिण गोवा के डाबोलिम स्थित आईएनएस हंसा नौसैनिक अड्डे पर भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में …

पणजी। नौसेना के दूसरे पी-8आई विमान स्क्वाड्रन ‘एयर स्क्वाड्रन 316’ को मंगलवार को दक्षिण गोवा के डाबोलिम स्थित आईएनएस हंसा नौसैनिक अड्डे पर भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल किया गया। नौसेना प्रमुख एडमिरल हरि कुमार ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

उन्होंने कहा कि भारत हिंद महासागर क्षेत्र में ‘पसंदीदा सुरक्षा भागीदार’ है, जो इस क्षेत्र में एक प्रभावी रणनीतिक भूमिका निभाने की हमारे देश की क्षमता और इसकी परिचालन पहुंच का विस्तार करने की आवश्यकता को दर्शाता है। एडमिरल कुमार ने कहा कि भारतीय नौसेना इस प्रतिबद्धता का अभिन्न अंग है। आईएनएएस 316 को शामिल किया जाना हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने की दिशा में एक और मील का पत्थर है।

आईएनएएस 316 को ‘कोंडोर्स’ नाम दिया गया है, जो विशाल पंखों वाले सबसे बड़े उड़ने वाले भूमि पक्षियों में से एक है। स्क्वाड्रन के प्रतीक चिह्न में समुद्र के विशाल नीले विस्तार पर उड़ान भरते हुए एक ‘कोंडोर’ को दर्शाया गया है। ‘कोंडोर्स’ उत्कृष्ट संवेदी क्षमताओं, शक्तिशाली एवं विशाल पंखों के लिए जाने जाते हैं, जो विमान की क्षमताओं और स्क्वाड्रन की परिकल्पित भूमिकाओं के प्रतीक हैं।

 

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