बरेली में दिनदहाड़े लूट: तमंचा और डंडे लेकर आंगनबाड़ी केंद्र में घुसे बदमाश, सहायिका का मंगलसूत्र और कुंडल लूटकर फरार
बरेली, अमृत विचार। यूपी के बरेली में एक दिन पहले हुई डकैती का मामला अभी तक शांत नहीं हो सका। तब तक दिन दहाड़े आगंनवाड़ी केंद्र में घुसकर आनगबाड़ी सहायिका से लूट का एक और मामला सामने आ गया। पीड़िता ने बताया कि करीब चार बदमाश तमंचा और डंडे लेकर केंद्र में घुस आए और …
बरेली, अमृत विचार। यूपी के बरेली में एक दिन पहले हुई डकैती का मामला अभी तक शांत नहीं हो सका। तब तक दिन दहाड़े आगंनवाड़ी केंद्र में घुसकर आनगबाड़ी सहायिका से लूट का एक और मामला सामने आ गया। पीड़िता ने बताया कि करीब चार बदमाश तमंचा और डंडे लेकर केंद्र में घुस आए और बच्चों के सामने तमंचा दिखाकर उनका मंगलसूत्र और कुंडल लूटकर फरार हो गए। हालांकि मामले में कैंट पुलिस मौके पर पहुंच गई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
स्कूल में पढ़ा रही थी सहायिका
दरअसल, कैंट थाना क्षेत्र के बभिया में आंगनबाड़ी केंद्र में आंगनबाड़ी साहयिका शीता देवी बच्चों को पढ़ा रही थी। आरोप है कि उसी वक्त गांव के करीब चार बदमाश स्कूल में तमंचा और डंडे लेकर पहुंच गए और शीता के गले में पड़ा मंगलसूत्र और कानों के कुंडल निकालकर ले गए। जब तक स्कूल के शिक्षक आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचे तब तक सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
बच्चों के सामने की घटना, गला भी दबाया
सीता ने बताया कि बदमाशों ने उनका गला भी दबाया। साथ ही मारा भी। यह सब वह आंगनवाड़ी केंद्र में पढ़ने वाले बच्चों के सामने कर रहे थे। जिसकी वजह से बच्चे भी थोड़ा सहम गए। हालांकि सीता की तरफ से पुलिस को तहरीर दे दी गई है। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
गांव वालों ने पकड़ा एक आरोपी, जमकर हुई धुनाई
एक ओर जहां पुलिस आंगनबाड़ी केंद्र और स्कूल के कर्मचारियों से पूछताछ कर मामले की जांच पड़ताल कर रही थी। वहीं, दूसरी ओर गांव वालों ने चारों आरोपियों में से एक को पकड़ लिया। उसकी जमकर धुनाई कर दी। किसी तरह से पुलिस ने उसे बचाया। हालांकि आरोपी लूट में शामिल होने की बात से इनकार कर रहा है। मगर पुलिस का कहना है कि आगे की जांच पड़ताल के बाद ही मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
सूचना मिलते ही हमारी पूरी टीम मौके पर है। फिलहाल यह पता लगा है कि गांव के ही लोग थे। जांच पड़ताल के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकता है।- राजीव कुमार, कैंट थाना इंस्पेक्टर
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