शक्तिफार्म: महावारुणी स्नान, अनुयायी लगाएंगे आस्था की डुबकी

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शक्तिफार्म, अमृत विचार। मतुआ संप्रदाय के संस्थापक हरिचांद ठाकुर की 211वीं जयंती पर गुरुग्राम मंदिर में चार दिवसीय मतुआ मिलन कार्यक्रम बीते मंगलवार से शुरू हो चुका है। मतुआ मेले के दूसरे दिन बुधवार को मधु कृष्ण त्रयोदशी की पवित्र तिथि पर महावारुणी स्नान होगा। मंदिर परिसर में स्थित कामना सागर में दोपहर 12:00 बजे …

शक्तिफार्म, अमृत विचार। मतुआ संप्रदाय के संस्थापक हरिचांद ठाकुर की 211वीं जयंती पर गुरुग्राम मंदिर में चार दिवसीय मतुआ मिलन कार्यक्रम बीते मंगलवार से शुरू हो चुका है। मतुआ मेले के दूसरे दिन बुधवार को मधु कृष्ण त्रयोदशी की पवित्र तिथि पर महावारुणी स्नान होगा। मंदिर परिसर में स्थित कामना सागर में दोपहर 12:00 बजे से स्नान शुरू होगा, जिसकी हरिचंद गुरुचंद मतुआ धर्म सेवा समिति द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में मेले का भी आयोजन किया गया है जिसकी तैयारियां भी जोरों पर हैं।

श्री ओढ़ाकांदी धाम बांग्लादेश व सात समुद्र व देश की प्रमुख तेरह नदियों से लाए गए जल को कृत्रिम तालाब ‘कामना सागर’में मिलाकर उसे पवित्र कर महावारुणी स्नान के लिए तैयार किया गया है। साथ ही उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा सहित कई अन्य राज्यों से पहुंचे उनके अनुयायी आज मंदिर परिसर में स्थित कामना सागर मे आस्था की डुबकी लगाकर महावारुणी स्नान में हिस्सा लेंगे।

इस दौरान मंदिर परिसर में क्रमबद्ध अखंड हरिनाम कीर्तन व अटूट लंगर जारी रहेगा। रात में बांग्ला नाटक, 31 मार्च को मतुआ संप्रदाय पर व्याख्यान में दिल्ली और कलकत्ता के धर्मगुरु हिस्सा लेंगे। शाम को संगीतमय कथा और 1 अप्रैल को अनुभवी शिल्पी द्वारा भक्तिगीत, अनुष्ठान और शांतिसभा होगी।

आयोजन समिति के अध्यक्ष किरण चंद्र बसु ने बताया कि 30 अप्रैल को मुख्य कार्यक्रम महावारूणी स्नान पर्व पर मधुकृष्ण त्रयोदशी महायोग में कामना सागर में श्रद्धालू डुबकी लगायेंगे। इससे पहले नगर में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। 31 मार्च को मतुआ सम्मेलन, शांति सभा के साथ 1 अप्रैल को कार्यक्रम का समापन होगा।

नाचते-गाते पहुंच रहे अनुयायी
दिनेशपुर। दिनेशपुर में निशान उत्तोलन, गंगा पूजा व मंगल घाट स्थापना के साथ तीन दिवसीय मतुआ महामेला व महावारुणी स्नान महोत्सव के आगाज के साथ ही मंगलवार सुबह से अनुयायियों का आना शुरू हो गया। देश व विदेशों से वारुणी स्नान करने के लिए अनुयायियों के जत्थो का आना जारी रहा। महोत्सव हरिचांद मतुआ सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

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