Pakistan : अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बीच आज रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे इमरान खान
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान आज रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे। फवाद ट्विटर पर यह संदेश साझा किया। इससे पहले कहा था कि प्रधानमंत्री खान ने नेशनल असेंबली में होने वाले सत्र से दो घंटे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई है। وزیر اعظم …
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री इमरान खान आज रात राष्ट्र को संबोधित करेंगे। फवाद ट्विटर पर यह संदेश साझा किया। इससे पहले कहा था कि प्रधानमंत्री खान ने नेशनल असेंबली में होने वाले सत्र से दो घंटे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई है।
وزیر اعظم عمران خان آج رات قوم سے خطاب کریں گے
— Ch Fawad Hussain (@fawadchaudhry) March 31, 2022
इस दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा की जाएगी। फवाद ने ने ट्विटर पर कहा कि बैठक प्रधानमंत्री आवास में होगी। असेंबली के सत्र में प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास पत्र पर चर्चा होनी है। यह चर्चा चार बजे होने की उम्मीद है।
नेशनल असेंबली सचिवालय ने एक दिन पहले आज की बैठक के लिए आदेश जारी किया था। जियो न्यूज ने बताया कि सत्र के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। गौरतलब है कि नेशनल असेंबली में नेता विपक्ष शाहबाज शरीफ द्वारा खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद वह पाकिस्तान के इतिहास में अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने वाले तीसरे प्रधानमंत्री हैं।
इमरान के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की नेशनल असेंबली गुरुवार को स्थानीय समयानुसार शाम चार बजे एक महत्वपूर्ण सत्र के लिए आहूत होगी, जिसमें प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी। नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता शाहबाज शरीफ ने 28 मार्च को खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था।
प्रस्ताव पर उसी दिन चर्चा के लिए मंजूरी दे दी गई थी। सत्र के आज के 24-सूत्रीय एजेंडे के अनुसार, खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा क्रम में चौथे स्थान पर है। खान के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार की सहयोगी मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) कल विपक्ष के साथ जुड़ गई थी। इसके बाद खान सरकार और कमजोर हो गयी, जिससे उनके लिए अविश्वास प्रस्ताव को गिरवा पाना काफी कठिन हो गया।
