सहारनपुर: छात्र हर्ष सैनी की मौत को पुलिस ने बताया खुदकुशी, परिजनों जताई थी हत्या की आशंका
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के एक छात्र हर्ष सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुयी मौत को पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर मौत की वजह आत्महत्या बताया है। सहारनपुर स्थित केन्द्रीय विद्यालय के 18 वर्षीय छात्र हर्ष की गुमशुदगी के चार दिन बाद उसका शव हरिद्वार में रेल लाइन के पास से बरामद …
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में सहारनपुर के एक छात्र हर्ष सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुयी मौत को पुलिस ने प्राथमिक जांच के आधार पर मौत की वजह आत्महत्या बताया है। सहारनपुर स्थित केन्द्रीय विद्यालय के 18 वर्षीय छात्र हर्ष की गुमशुदगी के चार दिन बाद उसका शव हरिद्वार में रेल लाइन के पास से बरामद किया गया था। स्थानीय वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने गुरुवार को बताया कि छात्र ने हरिद्वार के ज्वालापुर में रेलवे ट्रेक पर चलती ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या की थी। ज्ञात हो कि मृतक के परिजनों ने हर्ष की हत्या किये जाने की आशंका जतायी थी।
तोमर ने कहा कि पुलिस ने पिछले दो दिनों में इस मामले की सभी बिंदुओं पर गहन जांच में पाया कि छात्र की हत्या नहीं की गई है, बल्कि उसने हरिद्वार जाकर खुदकुशी की है। गत 26 मार्च को हर्ष सैनी को सरसावा एयरफोर्स स्टेशन स्थित केंद्रीय विद्यालय में अपना परीक्षा परिणाम लेने के लिए जाना था, लेकिन वह स्कूल नहीं गया। पुलिस ने रेलवे स्टेशन सहित विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी फुटेज की जांच के आधार पर बताया कि छात्र स्कूल के बजाय सहारनपुर रेलवे स्टेशन गया। यह छात्र जब ट्रेन से हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर उतरा तो वहां भी सीसीटीवी कैमरों में वह अकेला ही फोटो में नजर आया।
उसने हरिद्वार में हर की पैड़ी पर और अन्य स्थानों पर अपने मोबाइल फोन से अपनी सेल्फी ली जो उसके फोन में मिली है। हरिद्वार में 26 मार्च को ही दोपहर 12:12 बजे सीसीटीवी फुटेज में उसकी मौजूदगी पाई गई। वह करीब 13:28 बजे हरिद्वार के प्लेटफार्म नंबर पांच पर दिखाई दिया और प्लेटफार्म नंबर एक हरिद्वार के निकासी द्वार से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया।
हर्ष सैनी ने हर की पैड़ी हरिद्वार में एक मूर्ति के पास सेल्फी भी ली, जिसमें वह अकेला दिखाई दे रहा है। बाद में पुलिस ने मंसूरी एक्सप्रेस ट्रेन के चालक दिनेश कुमार वर्मा के बयान के आधार पर बताया कि उक्त ट्रेन हरिद्वार से रात 23:20 बजे रवाना हुयी और हरिद्वार से ज्वालापुर के बीच एक लड़का रेल पटरी पर बीचों बीच चलता दिखाई दिया। उसने ट्रेन का बहुत हार्न बजाया, लेकिन वह नहीं हटा। उसने ट्रेन के आपात ब्रेक भी लगाये लेकिन उसे ट्रेन से टकराने से बचाया नहीं जा सका। इसकी सूचना उसने ज्वालापुर रेलवे स्टेशन मास्टर को दी।
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