UP में अफसरों पर गाज गिरना शुरू, अखिलेश के संपर्क में आए ऑफिसर्स की बन रही है लिस्ट!
लखनऊ। योगी सरकार 2.0 इल बार अलग तेवर में दिख रही है। बड़े अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिरना शुरू हो गई है। योगी सरकार ने सोनभद्र के डीएम रहे टीके शिबू और गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। सोनभद्र में PWD और अन्य निर्माण एजेंसियों के द्वारा करवाए जा रहे कामों …
लखनऊ। योगी सरकार 2.0 इल बार अलग तेवर में दिख रही है। बड़े अफसरों पर कार्रवाई की गाज गिरना शुरू हो गई है। योगी सरकार ने सोनभद्र के डीएम रहे टीके शिबू और गाजियाबाद के एसएसपी पवन कुमार को सस्पेंड कर दिया। सोनभद्र में PWD और अन्य निर्माण एजेंसियों के द्वारा करवाए जा रहे कामों में भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी भी जारी रही।
चुनाव के दौरान टीके शिबू की लापरवाही से राजनैतिक हंगामा शुरू हो गया। टीके शिबू को सस्पेंड किया गया और विभागीय जांच के आदेश देते हुए वाराणसी कमिश्नर को जांच दे दी गई।
टीके शिबू के बाद गाजियाबाद के SSP भी 4 घंटे में सस्पेंड कर दिए गए। 2009 बैच के IPS पवन कुमार पर अपराध नियंत्रण में लापरवाही और जिले में पुलिस के अंदर बड़े भ्रष्टाचार की शिकायत पर सस्पेंड किया गया।
इन दो अफसरों से पहले यूपी के 4 IPS अफसरों के भी ट्रांसफर किए गए, जिसमें 2 नामों को लेकर चर्चा हुई। पहला नाम एडीजी नवनीत सिकेरा जिनको पीटीएस उन्नाव भेजा गया, दूसरा नाम डीआईजी धर्मेंद्र सिंह जिनको DIG RTC चुनाव बनाकर भेजा गया।
सपा के खेमे से कनेक्शन थे
प्रदेश में अब उन IAS और IPS अफसरों की बारी है जो चुनाव के टाइम बदलती सरकार के अंदेश में सपा के खेमे से कनेक्शन थे। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कहा था कि इस सरकार के कई अफसर अब उनको सूचना दे रहे हैं, उनके संपर्क में आने की कोशिश में हैं।
इससे तय हो गया है कि इस बार सरकार की निगाह जिले के डीएम हो कप्तान हो या फिर अपर मुख्य सचिव स्तर के अफसर सब पर है। सरकार का यह रवैया देखकर उन जिलों के डीएम, एसपी और कमिश्नर में डर है। यूपी बोर्ड परीक्षा में पेपर लीक के केस में भी अफसरों की हालत टाइट है।
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