दोष धरती का नहीं कौन सा बीज बो रहे उसका है: पीएम मोदी
बाराबंकी। पहले बहुत सीमित संसाधन हुआ करते थे। आज डिजिटल क्रांति ने शिक्षा के क्षेत्र में छात्र- छात्राओं के लिए सीखने का एक बड़ा अवसर दे दिया है। उक्त बातें परीक्षा पर लाइव चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा पहले खेल एक्स्ट्रा एक्टिविटी में आता था नई शिक्षा नीति में …
बाराबंकी। पहले बहुत सीमित संसाधन हुआ करते थे। आज डिजिटल क्रांति ने शिक्षा के क्षेत्र में छात्र- छात्राओं के लिए सीखने का एक बड़ा अवसर दे दिया है। उक्त बातें परीक्षा पर लाइव चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहीं। प्रधानमंत्री ने कहा पहले खेल एक्स्ट्रा एक्टिविटी में आता था नई शिक्षा नीति में खेल को एक विषय के रूप में महत्व दिया गया।
उन्होंने लाइव प्रसारण के दौरान छात्र-छात्राओं से कहा खेलना चाहते हैं या खुलना चाहते हैं । खेल के माध्यम से हमारे अंदर छुपी आंतरिक शक्तियों का प्रादुर्भाव होता है। उन्होंने अभिभावकों से कहा कुछ अभिभावक अपने बच्चों को उस विषय में आगे बढ़ाना चाहते हैं जिनमें उनकी रूचि नहीं होती। उन्हें जानने का प्रयास करना चाहिए। कुछ अभिभावक जानने का प्रयास नहीं करते अपनी पसंद उन पर थोपते है वह उन्हें आगे नहीं बढाते बल्कि उन्हें धक्का देते।
उन्होंने गुरुकुल शिक्षा का भी जिक्र किया। प्रधानमंत्री ने छात्र- छात्राओं से कहा हमारे अंदर ज्ञान का भंडार ही नहीं हुनर भी होना चाहिए। खुद को विकसित नहीं करेंगे तो पीछे छूट जाएंगे। लाइव प्रसारण के दौरान उन्होंने कहा राष्ट्रीय शिक्षा नीति ने खेलकूद को पढ़ाई का हिस्सा बनाया। जो भी अभिभावक बच्चों की शक्ति रुचि ,सीमा, प्रवृत्ति और आकांक्षा जानने का प्रयास नहीं करते वह अपने बच्चों को धक्का देने का काम करते हैं। अपनी आशा और अपेक्षा के अनुरूप उसे आगे बढ़ने देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा दोष धरती का नहीं कौन सा बीज बो रहे दोष उसका है । माध्यम समस्या नहीं मन समस्या है इसलिए छात्र छात्राओं को मन लगाकर अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए आगे बढ़ते रहना चाहिए। त्योहारों के बीच परीक्षाये होती हैं हमें परीक्षाओं को ही त्यौहार की तरह मनाना चाहिए।
उन्होंने कहा एक लंबे अर्से बाद हम छात्र-छात्राओं और अभिभावकों के साथ हैं छात्रों अभिभावकों से मिलना कितना सुखद है। उन्होंने इंटरनेट उपयोग के बारे में चर्चा के दौरान कहा ऑनलाइन ऑफलाइन का सिद्धांत है ऑनलाइन में जो मिलता है ऑफलाइन में उसे पनपने का मौका देना चाहिए। ऑनलाइन पढाई आधार मजबूत करने के लिए होनी चाहिए। नई टेक्नोलॉजी टूल ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई को मजबूती प्रदान करेगी।
जीवन में खुद से जुड़ना उससे हजारों गुना ज्यादा आनंद अपने भीतर घुसने से होता है जितना अंदर जाओगे उतना अधिक ऊर्जा का अनुभव होता जायेगा। परीक्षा में चर्चा के दौरान छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लाइव प्रसारण पूरी तरह से ध्यान मग्न होकर सुना। इस अवसर पर केन्द्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य एस के पाण्डेय सहित विद्यालय के सभी शिक्षक तमाम अभिभावक उपस्थित रहे।
कक्षा नौ के छात्र सत्य प्रकाश तिवारी ने कहा प्रधानमंत्री जी के संवाद से हमारे अंदर ऊर्जा का संचार हुआ है हमें लक्ष्य की ओर आगे बढ़ना है। आदर्श ने कहा इंटरनेट का उपयोग हमें जरूरी जानकारी इकट्ठा करने के लिए करना है बाकी उस ज्ञान का हुनर में बदलने का प्रयास तो हमें खुद ही करना है।
आर्यन ने कहा बीसवीं सदी की नीतियों को लेकर 21वीं सदी में हम आगे कैसे बढ़ सकते हैं प्रधानमंत्री की इस बात से मैं काफी प्रभावित हूं। तो वहीं दसवीं कक्षा की छात्रा अक्षरा, अवंतिका ने कहा प्रधानमंत्री की बातों से हम सब काफी मोटिवेट हुए हैं।
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