रुद्रपुर: फर्जीवाड़ा कर व्यापारी के पैन कार्ड पर 9.13 करोड़ का कारोबार
रुद्रपुर, अमृत विचार। व्यापारी की फर्म के नाम पर फर्जी पैन कार्ड बनवाकर 9.13 करोड़ की सामग्री का विक्रय किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। कारोबारी का कहना था कि जब आयकर विवरण के लिए फार्म 26 एएस प्राप्त हुआ। तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज …
रुद्रपुर, अमृत विचार। व्यापारी की फर्म के नाम पर फर्जी पैन कार्ड बनवाकर 9.13 करोड़ की सामग्री का विक्रय किये जाने का मामला प्रकाश में आया है। कारोबारी का कहना था कि जब आयकर विवरण के लिए फार्म 26 एएस प्राप्त हुआ। तब मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
जानकारी के अनुसार मॉडल कालोनी निवासी महेंद्र भाटिया ने बताया कि पालिका मार्किट स्थित उनकी मैसर्स अमित आटोमोबाइल के नाम से फर्म है और वह ट्रकों के स्पेयर पार्ट्स का कारोबार करते है। बताया कि फर्म का व्यापार कर में टिन व जीएसटीएन के तहत नियमानुसार व्यापार किया जाता है। 30 मार्च 2022 को आयकर विवरण के लिए जब फार्म 26 एएस लिया गया। तो पता चला कि फर्म पैनकार्ड संख्या एए मटीपीबी 0799जी के अलावा फार्म में अन्य विवरण के अतिरिक्त 9,32,19,833 रुपये अंकित है। जबकि यह फर्म द्वारा नहीं करवाई गई।
जब पूरे मामले की पड़ताल की गई, तो पता चला कि मैसर्स मुदित फुटवियर टंडन मार्किट, कुचा काविल अंतर चांदनी चौक दिल्ली द्वारा अंकित जीएसटीएन नंबर पर 9,32,19,833 रुपये की सामग्री का विक्रय मैसर्स गीत इंटरप्राइजेज निकट पारस सिनेमा, मिनी मार्किट नेहरू पैलेस दिल्ली के नाम किया गया है। जोकि फर्म स्वामी मदन लाल के पक्ष में किया गया है। बताया कि फर्म समान्तर नाम अमित भाटिया एवं समानान्तर पैनकार्ड नंबर दर्शाया गया है। इसके अलावा क्रय विक्रय और इंट्री के लिए पीड़ित के पैनकार्ड-आधार कार्ड की केवाईसी के अलावा सत्यापन भी नहीं किया गया।
कारोबारी का कहना है कि मैसर्स मुदित फुटवियर द्वारा प्रार्थी के पैनकार्ड व नाम समानान्तर दर्शाकर करोड़ों रुपये की इन्ट्री कर फर्म में फर्जी व अवैध रूप से दर्शायी गयी है। जिससे फर्म के अलावा प्रशासन के साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी व ठगी कर स्वयं लाभ अर्जित करते हुए कर चोरी का प्रयास किया है। जबकि दर्शाये गये फर्म से उनका कोई सरोकार भी नहीं है।
पुलिस ने कारोबारी की तहरीर के आधार पर दर्शाये गये फर्म स्वामियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाल विक्रम राठौर ने बताया कि समांतर पैनकार्ड के नाम पर करोड़ों की कर चोरी व फर्जीवाडे़ के खुलासे के लिए विवेचनाधिकारी नियुक्त कर दिया गया है। जल्द ही दर्शाये गये फर्म स्वामियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया जायेगा।
