लखनऊ: पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सोसायटी ऑफ उत्तर प्रदेश नए चिकित्सकों को देगी ट्रेनिंग

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लखनऊ। राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में रविवार को पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सोसाइटी ऑफ उत्तर प्रदेश का पहला वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान नोएडा स्थित चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर अजय सिंह को 2 साल के लिए पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सोसाइटी ऑफ़ उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया। प्रोफेसर अजय सिंह ने बताया कि …

लखनऊ। राजधानी के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में रविवार को पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स सोसाइटी ऑफ उत्तर प्रदेश का पहला वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दौरान नोएडा स्थित चाइल्ड पीजीआई के निदेशक प्रोफेसर अजय सिंह को 2 साल के लिए पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सोसाइटी ऑफ़ उत्तर प्रदेश का अध्यक्ष चुना गया।

प्रोफेसर अजय सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हड्डियों की बीमारी से पीड़ित बच्चों की संख्या अन्य प्रदेशों के मुकाबले अधिक है और यहां पर बच्चों के इलाज के लिए इमरजेंसी सर्विसेस का आभाव भी है। साथ ही पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक की विशेष ट्रेनिंग देने के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे नए आर्थोपेडिक सर्जन को बच्चों के इलाज की ट्रेनिंग नहीं मिल पाती है, जबकि बड़े तथा बच्चों के इलाज में काफी अंतर होता है, ऐसे में पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक सोसायटी नए सर्जन को ट्रेनिंग देने का काम करेगी।

कार्यक्रम में केजीएमयू के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. बिपिन पुरी ने बच्चों के इलाज में इमरजेंसी सेवा को लेकर उत्तर प्रदेश कहां खड़ा है, इस बात पर चर्चा की,साथ ही बच्चों के इलाज के लिए अलग से इमरजेंसी सेवाओं की जरूरत पर जोर दिया। बताया जा रहा है कि इस संगोष्ठी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से करीब 110 डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।

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